पंजाब ने सोयाबीन की नवीन किस्मों को बीज श्रृंखला में शामिल किया

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18 जून 2022, इंदौर । पंजाब ने सोयाबीन की नवीन किस्मों को बीज श्रृंखला में शामिल किया मध्य प्रदेश – भारतीय सोयाबीन अनुसन्धान संस्थान इंदौर, सोया किसानों को सोयाबीन से जुड़ी नई तकनीकों द्वारा लाभ पहुंचाने के लिए सतत प्रयास कर रहा है। इसी लक्ष्य के निर्वहन हेतु संस्थान की कार्यवाहक निदेशक डॉ नीता खांडेकर द्वारा गत दिनों पंजाब और हरियाणा का दौरा किया गया। उनके दिए सुझाव पर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने सोयाबीन की नवीन किस्मों को बीज श्रृंखला में सम्मिलित करने का प्रस्ताव पारित किया।

अखिल भारतीय समन्वित सोयाबीन अनुसन्धान परियोजना के अंतर्गत कार्यरत पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के डॉ बीएस गिल ने बताया कि पीएयू लुधियाना एवं राज्य सरकार ने साथ मिलकर 2015 से 2017 तक सोयाबीन की उन्नत खेती का प्रदर्शन करवाया, परन्तु उचित विपणन के अभाव में इसका विस्तार सुचारु रूप से नहीं हो पाया। इस समस्या के निराकरण और भविष्य  में सोयाबीन के रकबे को बढ़ाने हेतु डॉ खांडेकर ने बताया कि पंजाब , सोयाबीन खाद्य उत्पादन में पूरे देश में सर्वप्रथम है, जिसके लिए सोयाबीन राजस्थान/ मध्यप्रदेश से लाया जाता है। यदि किसानों को इन इकाइयों से जोड़ा जा सके , तो विपणन की समस्या को तब तक हल नहीं किया जा सकता है, जब तक कि क्षेत्र में  सॉल्वेंट इक्स्ट्रैक्शन इकाइयां स्थापित न हो जाएँ। उनके इस सुझाव पर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ गुरविंदर सिंह ने सराहना करते हुए पूर्ण रूप से सहमति प्रदान की और सोयाबीन की नवीन किस्मों को बीज श्रृंखला में सम्मिलित करने का प्रस्ताव पारित किया।

दौरे के दूसरे चरण में हरियाणा संस्थान के अपर निदेशक डॉ सुरिंदर सिंह दाहिया ने प्रदेश में भारतीय सोयाबीन अनुसन्धान संस्थान द्वारा 20 अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन के परीक्षण करवाए जाने पर सहमति दी ,साथ ही निदेशक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे प्रदेश की उभरती हुई कृषि प्रणाली को संबल प्राप्त होगा और किसानों को सुचारु रूप से बेहतर उत्पादों से परिचित करवाया जा सकेगा।

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