छत्तीसगढ़ में हरियाली और जैव विविधता को बढ़ावा
16 अप्रैल 2026, भोपाल: छत्तीसगढ़ में हरियाली और जैव विविधता को बढ़ावा – छत्तीसगढ़ में वन विभाग द्वारा किसानों को औषधीय पौधों की खेती के लिए निःशुल्क पौधे वितरित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही घरों की बाड़ी और शहरी क्षेत्रों में हर्बल गार्डन विकसित करने के लिए भी मुफ्त पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वन क्षेत्रों में भी इन पौधों का रोपण किया जा रहा है, जिससे हरियाली और जैव विविधता को बढ़ावा मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड की पहल से वर्ष 2025-26 में राज्य की 11 नर्सरियों के माध्यम से लगभग 2.8 करोड़ औषधीय पौधे तैयार किए गए हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वन मंत्री केदार कश्यप ने इस सफलता पर बोर्ड के पदाधिकारियों को बधाई दी है। इन पौधों को पूरी तरह जैविक तरीके से तैयार किया गया है। रासायनिक खाद के बजाय बायो-फर्टिलाइजर, गोबर खाद और जीवामृत का उपयोग किया गया, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर हुई और बाजार में उनकी मांग भी बढ़ी औषधि पादप बोर्ड ने वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 1 करोड़ नए पौधे तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इससे राज्य में औषधीय पौधों की उपलब्धता और बढ़ेगी तथा किसानों को और अधिक लाभ मिलेगा। औषधि पादप बोर्ड ने वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 1 करोड़ नए पौधे तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इससे राज्य में औषधीय पौधों की उपलब्धता और बढ़ेगी तथा किसानों को और अधिक लाभ मिलेगा।
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