Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

पंजाब में कपास के उत्पादन को बढ़ावा, बीज पर मिल रही सब्सिडी

18 जून 2025, भोपाल: पंजाब में कपास के उत्पादन को बढ़ावा, बीज पर मिल रही सब्सिडी – पंजाब की सरकार द्वारा अपने राज्य के किसानों को कपास का उत्पादन करने के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है और इसके तहत बीज खरीदी पर भी सब्सिडी दी जा रही है. दरअसल पंजाब की सरकार किसानों को कपास की खेती करने के लिए इसलिए प्रोत्साहित कर रही है ताकि पानी की अधिक खपत वाली धान की खेती से किसान दूरी बना लें.

पंजाब ने 2025-26 सीजन के लिए अपने कपास बुवाई लक्ष्य का 78 फीसदी हासिल कर लिया है. इसमें से कुल 1.06 लाख हेक्टेयर भूमि पर नकदी फसल की बुवाई की गई है. कहा जा रहा है कि इसमें उस सब्सिडी की बड़ी भूमिका है जो राज्य सरकार की तरफ से किसानों को मुहैया कराई जाती है. पंजाब कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार पंजाब में कपास की खेती के तहत कुल क्षेत्रफल पिछले साल के 2.49 लाख एकड़ से बढ़कर इस साल 2025 में 2.98 लाख एकड़ हो गया है. यह एक साल के अंदर 49,000 एकड़ से ज्‍यादा की वृद्धि को बताता है.

पंजाब सरकार ने इस साल अप्रैल में कपास के बीजों पर 33 फीसदी सब्सिडी देने का ऐलान किया था. पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) की तरफ से प्रस्तावित बीजों पर खास तौर पर किसानों को सब्सिडी मुहैया कराने की कोशिश की गई. सरकार का मकसद था कि किसानों को इस फसल को अपनाने और पानी की अधिक खपत वाली धान की खेती से दूर जाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके.

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

सब्सिडी के जरिये सरकार किसानों पर वित्तीय बोझ को कम करना और उच्च उपज वाली, कीट प्रतिरोधी किस्मों के उपयोग को बढ़ावा देना चाहती है. किसान बीज खरीद कर और योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा करके सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं. यह सब्सिडी पीएयू की तरफ से मंजूर किए गए बीटी कॉटन के बीज बीज खरीदने वाले किसानों पर ही लागू है. 

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com