Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

छत्तीसगढ़ में आधुनिक खेती को बढ़ावा, 24 हजार से ज्यादा किसानों को मिला उन्नत कृषि यंत्रों का लाभ

09 मई 2026, रायपुर: छत्तीसगढ़ में आधुनिक खेती को बढ़ावा, 24 हजार से ज्यादा किसानों को मिला उन्नत कृषि यंत्रों का लाभ – छत्तीसगढ़ में खेती अब केवल पसीने की कहानी नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और मुनाफे का नया अध्याय बन चुकी है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य शासन की योजनाओं ने प्रदेश के किसानों को पारंपरिक हलों से निकालकर आधुनिक यंत्रों की ओर अग्रसर किया है। बीज निगम का मुख्य उद्देश्य किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना है। आधुनिक यंत्रों के प्रयोग से न केवल किसानों का शारीरिक श्रम कम हुआ है, बल्कि उनका जीवन स्तर भी ऊँचा उठा है। छत्तीसगढ़ का आत्मनिर्भर किसान आज विकसित भारत की परिकल्पना को धरातल पर साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

 राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से मिल रहे अनुदान और उन्नत उपकरणों ने खेती की लागत घटाकर उत्पादन में ऐतिहासिक वृद्धि की है। चौम्पस पोर्टल एक क्लिक पर उपलब्ध हैं आधुनिक समाधान बीज निगम द्वारा किसानों को चेम्प्स (ब्भ्।डच्ै) पोर्टल के माध्यम से खेती के हर चरण, जुताई, बुआई, रोपाई और कटाई के लिए उच्च स्तरीय यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रमुख यंत्र रोटावेटर, स्वचालित रीपर, पैडी ट्रांसप्लांटर, लेजर लैंड लेवलर और पावर वीडर। सिंचाई तकनीक ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली ने जल प्रबंधन को सुगम बनाया है।

योजनावार सफलता के आंकड़े

चालू वित्तीय वर्ष में बीज निगम ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभार्थियों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (स्प्रिंकलर) 16 हजार 644 किसान लाभान्वित हुए हैं। इसी प्रकार  प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (ड्रिप) 3 हजार 821 किसान, शाकंभरी योजना 3,375 किसान, यंत्रीकरण सबमिशन (कंपोनेंट-1) 912 किसान कुल योग 24 हजार 752 बस्तर से बिलासपुर तक के किसान लाभान्वित हुए हैं।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आधुनिक तकनीकों का असर

आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में भी आधुनिक तकनीकों का असर स्पष्ट दिख रहा है। यहाँ के किसान अब केवल धान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ड्रिप सिंचाई अपनाकर सब्जी उत्पादन और उद्यानिकी फसलों से बड़ा मुनाफा कमा रहे हैं।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

सफलता की कहानियाँ

किसानों की जुबानी बिलासपुर (नारायण दल्लू पटेल) स्वचालित रीपर ने कमाल कर दिया। जिस फसल की कटाई में 12 मजदूर और पूरा दिन लगता था, वह अब 2-3 घंटे में हो जाती है। फसल की कटाई की  लागत में 50-60 प्रतिशत की कमी आई है। रायपुर (हीरालाल धनुराम साहू) रोटावेटर से घंटों में खेत तैयार हो जाता है। पहले खेत तैयार में 4 दिन लगते थे, अब समय बचने से उत्पादन में 20-25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (लेखूराम) सीड ड्रिल से बुआई करने पर बीजों की 25 प्रतिशत  तक बचत हुई और पैदावार भी 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture