राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में प्री-मानसून की दस्तक, भोपाल-इंदौर समेत 40 से ज्यादा जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट; IMD ने जारी की चेतावनी

06 जून 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में प्री-मानसून की दस्तक, भोपाल-इंदौर समेत 40 से ज्यादा जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट; IMD ने जारी की चेतावनी – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य क्षेत्रों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। प्रदेश के विभिन्न जिलों में तेज हवाएं, गरज-चमक और वज्रपात की गतिविधियां भी देखने को मिलीं। वहीं कई संभागों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।

कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर

मौसम विभाग के अनुसार भोपाल में सर्वाधिक 22.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा सांवेर, बदनावर, रतलाम, धार, शाजापुर, रायसेन, सिंगरौली, छतरपुर, अमरकंटक और अन्य क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। सीहोर, आगर, धार, गुना, खंडवा, भोपाल, विदिशा, शिवपुरी और सागर सहित कई जिलों में 35 से 56 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। आगर, भोपाल, धार, शाजापुर, रतलाम, इंदौर, खरगोन, रायसेन, छिंदवाड़ा, दमोह, पन्ना, शहडोल, सिंगरौली और अनूपपुर जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की घटनाएं भी दर्ज की गईं।

तापमान में गिरावट से मिली राहत

पिछले 24 घंटों के दौरान चंबल संभाग में अधिकतम तापमान में 4.4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में भी तापमान में उल्लेखनीय कमी रही। प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस खरगोन और नरसिंहपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी में रिकॉर्ड किया गया।

मानसून की बढ़त और सक्रिय मौसमी तंत्र

आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अरब सागर, गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु तथा बंगाल की खाड़ी के बड़े हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। अगले दो से तीन दिनों के दौरान इसके महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर प्रदेश, झारखंड, पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में बने ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण तथा विभिन्न ट्रफ लाइनों के प्रभाव से मध्य भारत में मौसम गतिविधियां बनी हुई हैं। इसके अलावा 11 जून से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना भी जताई गई है।

इन जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी

मौसम विभाग ने भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, दमोह, सागर, निवाड़ी और पांढुर्णा जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।

इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने, आंधी और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।

किसानों के लिए विशेष सलाह

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि बारिश की संभावना को देखते हुए फिलहाल सिंचाई, उर्वरक प्रयोग तथा कीटनाशकों के छिड़काव से बचें। खेतों में जलभराव न हो इसके लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। तेज हवाओं से सब्जी फसलों, बेलदार पौधों और युवा फलदार पौधों को नुकसान से बचाने के लिए उन्हें सहारा दें।

कटाई की गई उपज, बीज, उर्वरक और कृषि यंत्रों को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा तिरपाल से ढककर संरक्षित करें। यदि आंधी, तूफान या बारिश की संभावना हो तो कटाई, मड़ाई और सुखाने संबंधी कार्य स्थगित करें। बिजली चमकने की स्थिति में खुले खेतों में काम न करें और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। मौसम विभाग ने किसानों से नियमित रूप से मौसम की जानकारी लेते हुए उसी के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की अपील की है।

मौसम विभाग के दृष्टिकोण के अनुसार प्रदेश में आगामी चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। 

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