मध्य प्रदेश में प्री-मानसून एक्टिविटी तेज: रीवा, सतना, ग्वालियर समेत इन जिलों में तेज हवाओं-बारिश की चेतावनी; IMD ने जारी किया अलर्ट
11 जून 2026, भोपाल: मध्य प्रदेश में प्री-मानसून एक्टिविटी तेज: रीवा, सतना, ग्वालियर समेत इन जिलों में तेज हवाओं-बारिश की चेतावनी; IMD ने जारी किया अलर्ट – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के शहडोल संभाग के जिलों में कई स्थानों पर तथा रीवा, जबलपुर और सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई, जबकि शेष संभागों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहा। इस दौरान भिंड, बालाघाट, सिवनी, मंडला, दमोह, पन्ना, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, सतना, सीधी और डिंडौरी सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और झंझावात की गतिविधियां दर्ज की गईं।
मौसम विभाग के अनुसार छिंदवाड़ा और खजुराहो (छतरपुर) में लू का प्रभाव बना रहा। प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस खजुराहो में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में रिकॉर्ड किया गया।
कई जिलों में हुई बारिश, सागर में चली सबसे तेज हवा
पिछले 24 घंटों में बजाग में 15 मिमी, बालाघाट में 12.4 मिमी, डिंडौरी में 9.2 मिमी तथा मझगांव में 7 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं सागर में 54 किमी प्रति घंटा, शहडोल में 43 किमी प्रति घंटा और जबलपुर में 41 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलीं।
तापमान का हाल
मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभागों में तापमान सामान्य से 1.9 से 2.7 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। वहीं शहडोल संभाग में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहा।
सिनोप्टिक मौसम परिस्थिति
IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 11 जून को कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ और हिस्सों तक आगे बढ़ गया है। अगले दो से तीन दिनों में मानसून के छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों की ओर और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
इसके अलावा मध्य क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण तथा पंजाब से बांग्लादेश तक फैली मानसूनी ट्रफ के कारण मध्य भारत में मौसम गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। इन प्रणालियों का प्रभाव आगामी दिनों में मध्य प्रदेश पर भी देखने को मिलेगा।
इन जिलों में आंधी, बिजली और लू का अलर्ट
मौसम विभाग ने छतरपुर, टीकमगढ़ और छिंदवाड़ा जिलों में कहीं-कहीं लू चलने की चेतावनी जारी की है। वहीं नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना और अनूपपुर जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में वज्रपात, झंझावात और अचानक तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश के तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। इसके बाद आगामी तीन दिनों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। कई जिलों में गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
किसानों के लिए विशेष सलाह
कृषि वैज्ञानिकों और मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वर्षा और आंधी की संभावना को देखते हुए सिंचाई, उर्वरक प्रयोग तथा पौध संरक्षण रसायनों के छिड़काव से फिलहाल बचें। खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि जलभराव से फसलों की जड़ों को नुकसान न पहुंचे।
तेज हवाओं से सब्जी फसलों, बेलदार पौधों और युवा फलदार पौधों को नुकसान होने की आशंका रहती है, इसलिए उन्हें सहारा देकर सुरक्षित करें। कटाई की गई उपज, बीज, उर्वरक और कृषि यंत्रों को जलरोधक तिरपाल से ढककर रखें।
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि आंधी-तूफान या बारिश की संभावना होने पर कटाई, मड़ाई और सुखाने संबंधी कार्य स्थगित रखें। पशुओं को सुरक्षित और हवादार आश्रय में रखें तथा बिजली चमकने के दौरान उन्हें खुले में चराने से बचें। साथ ही मौसम की ताजा जानकारी नियमित रूप से प्राप्त करते रहें और उसी के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाएं।
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