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राज्य कृषि समाचार (State News)

मुर्गी पालन बन सकता है आय का अतिरिक्त स्रोत – डॉ. दयानन्द

20 जनवरी 2022, आबूसर- झुंझुनू ।  मुर्गी पालन बन सकता है आय का अतिरिक्त स्रोत – डॉ. दयानन्द – कृषि विज्ञान केन्द्र , आबूसर में ”वैज्ञानिक पद्वति से मुर्गियों का पालन पोषण” विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंम्भ किया गया। यह प्रशिक्षण मत्स्य पालन, पशुपालन एंव डेयरी मंत्रालय , भारत सरकार के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा है। इस प्रषिक्षण मे केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एंव अध्यक्ष डॉ. दयानन्द ने बताया कि मुर्गी पालन समन्वित कृषि प्रणाली का मुख्य घटक है, जिसे अपनाकर किसान, बैरोजगार युवक एंव युवतियां अपनी आय बढा सकते है तथा साथ में कई लोगो को रोजगार भी उपलब्ध करवा सकते है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग जिनके पास पर्याप्त मात्रा में संसाधन उपलब्ध है वो बडी आसानी से मुर्गीपालन व्यवसाय को अपना सकते हैं तथा साथ में शहरी क्षेत्रों के लोग भी अपने आसपास खाली पडी भूमि में मुर्गीपालन करके अपने घर की जरूरत पूरी करने के साथ साथ कुछ आय भी प्राप्त कर सकते है।

 प्रशिक्षण संयोजक डॉ. आर.एस. राठौड ने बताया कि तीन दिवसीय प्रषिक्षण में उन्नत देषी एंव विदेषी मुर्गियो की नस्लें, नस्ल सुधार, कम खर्चे में पौष्टिक आहार,, घर पर पौष्टिक दाना – बांटा बनाना एंव मुर्गियों के वैज्ञानिक रख रखाव आदि की विस्तृत जानकारी दी जायेगी।

पशुपालन विभाग के वैटनरी आफिसर डॉ. अनिल चौधरी ने मुर्गियों की मुख्य बीमारियां, टीकाकरण एंव कृमिनाषक दवा पिलाने की जानकारी दी तथा जो लोग पहले से छोटे स्तर पर मुर्गी पालन कर रहे है उनको जरूरत है कि इसको व्यवसाय के रूप में अपनाया जाये ताकि अधिक आमदनी प्राप्त कर सके

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केन्द्र के उधान विशेषज्ञ डॉ. रसीद खान ने इस मौसम की सब्जियां एंव फलदार पौधों के रख रखाव की जानकारी दी। डॉ. राजेन्द्र नागर ने इस प्रशिक्षण का संचालन किया तथा इस प्रषिक्षण में विभिन्न गॉवों के 40 प्रगतिषील मुर्गीपालको ने भाग लिया।

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