देश के 9 राज्यों में पोल्ट्री बर्ड फ्लू की पुष्टि

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

25 जनवरी 2021, नई दिल्ली। गत 22 जनवरी तक मुर्गियों के लिए 9 राज्यों (केरल, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, गुजरात, उत्तर प्रदेश और पंजाब) में और कौओं/ प्रवासी/ जंगली पक्षियों के लिए 12 राज्यों (मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू व कश्मीर और पंजाब) में एविएन फ्लू (बर्ड फ्लू) के प्रकोप की पुष्टि हो गई है।

उत्तराखंड के जिले अल्मोड़ा (आरके पुरा, हवालबाघ); गुजरात के जिले सोमनाथ (दोलासा, कोडिनार) से लिए गए मुर्गियों के नमूनों में एविएन फ्लू की पुष्टि हुई है।

इसके अलावा जम्मू व कश्मीर संघ शासित राज्यों (कुलगाम, अनंतनाग, बडग़ाम और पुलवामा) में कौओं; उत्तराखंड की टिहरी रेंज में कलीजी तीतर पक्षी में एविएन फ्लू की पुष्टि हो गई है। हालांकि, राजस्थान के अलवर जिले से लिए गए कौओं के नमूने एविएन फ्लू के लिए निगेटिव पाए गए हैं।

मध्य प्रदेश के 32 जिले बर्ड फ्लू से प्रभावित

प्रदेश के रायसेन जिले के गैरतगंज विकासखंड के गाँव खरवरिया गढ़ी के भोपाल स्थित राष्ट्रीय पशु रोग अनुसंधान प्रयोगशाला को भेजे गए मुर्गियों के सैंपल में एच5एन8 वायरस की पुष्टि हुई है। कलेक्टर रायसेन को केंद्र शासन द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के 32 जिलों इन्दौर, आगर, नीमच, देवास, उज्जैन, खंडवा, खरगौन, गुना, शिवपुरी, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, दतिया, अशोकनगर, बड़वानी, भोपाल, होशंगाबाद, बुरहानपुर, छिन्दवाड़ा, डिंडौरी, मण्डला, सागर, धार, सतना, पन्ना, बालाघाट, श्योपुर, छतरपुर एवं रायसेन में कौओ, जंगली पक्षियों तथा झाबुआ, हरदा, मंदसौर एवं रायसेन में मुर्गियों में भी बर्ड फ्लू रोग उदभेद की पुष्टि हो चुकी है। प्रदेश में अब तक कुल 4084 कौओं एवं जंगली पक्षियों में मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से गत 21 जनवरी तक 453 सेंपल राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग अनुसंधान प्रयोगशाला भोपाल को जाँच के लिये भेजे गए हैं।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।