राज्य कृषि समाचार (State News)

पॉलीहाउस खेती से बदली किस्मत, किसान ने उगाए 50 हजार जरबेरा पौधे; जयपुर-दिल्ली बाजार में होगी सप्लाई

26 जून 2026, भोपाल: पॉलीहाउस खेती से बदली किस्मत, किसान ने उगाए 50 हजार जरबेरा पौधे; जयपुर-दिल्ली बाजार में होगी सप्लाई – मध्यप्रदेश के गुना जिले के कलेक्टर किशोर कन्याल के दिशा-निर्देशन एवं उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में जिले में संरक्षित खेती को नई पहचान मिल रही है। इसी क्रम में बिलाबावड़ी निवासी युवा किसान हृदेश अग्रवाल ने दो एकड़ क्षेत्र में जिले का पहला व्यावसायिक जरबेरा पॉलीहाउस स्थापित कर किसानों के लिए एक नई मिसाल पेश की है।

32 वर्षीय हृदेश अग्रवाल, जो पहले सरसों तेल प्रसंस्करण व्यवसाय से जुड़े रहे हैं, ने आधुनिक उद्यानिकी तकनीकों को अपनाते हुए पॉलीहाउस में जरबेरा की 19 रंगों की किस्मों के लगभग 50 हजार पौधों का रोपण किया है। यह पॉलीहाउस राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) की योजना के अंतर्गत स्थापित किया गया है, जिसके लिए उन्हें लगभग 60 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त होगा।

हृदेश अग्रवाल ने बताया कि 15 मार्च को लगाए गए पौधों से 15 जून से ही फूलों का उत्पादन शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि जरबेरा फूल की बाजार में सालभर मांग बनी रहती है। इसकी खेती अपेक्षाकृत सरल है और एक बार रोपण करने के बाद पौधे 7 से 8 वर्षों तक उत्पादन देते हैं।

आधुनिक तकनीक से हो रहा उत्पादन

पॉलीहाउस में ड्रिप सिंचाई, मिस्टर एवं फॉगर जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं स्थापित की गई हैं। इन तकनीकों की मदद से तापमान और आर्द्रता का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जाता है, जिससे पौधों की वृद्धि बेहतर होती है और गुणवत्तापूर्ण फूलों का उत्पादन संभव हो पाता है।

जयपुर और दिल्ली के बाजारों में होगी सप्लाई

उत्पादित जरबेरा फूलों का विपणन मुख्य रूप से जयपुर और दिल्ली के बाजारों में किया जाएगा। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार प्रति एकड़ लगभग 20 लाख फूलों के उत्पादन की संभावना है, जिससे किसानों को बेहतर आय प्राप्त हो सकती है।

विभाग ने दिया प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन

उपसंचालक उद्यान के.पी.एस. किरार ने बताया कि किसान को विभाग की ओर से NIPHT, पुणे में प्रशिक्षण दिलाया गया। साथ ही समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्हें आधुनिक संरक्षित खेती की तकनीकों को अपनाने में मदद मिली।

उन्होंने कहा कि जिले में उच्च मूल्य वाली फसलों और संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए विभाग लगातार कार्य कर रहा है। हृदेश अग्रवाल की यह पहल अन्य किसानों को भी आधुनिक और लाभकारी खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।

उद्यम को और विस्तार देने की तैयारी

हृदेश अग्रवाल भविष्य में कोल्ड चेन और ऑटोमेटेड फर्टिगेशन सिस्टम स्थापित कर अपने उद्यम को और अधिक उन्नत बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि आधुनिक तकनीकों और बेहतर बाजार व्यवस्था के माध्यम से खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदला जा सकता है I

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements