राज्य कृषि समाचार (State News)

पंचायतों को सौंपा जाएगा पेयजल आपूर्ति के लिए बनाई गईं एकल ग्राम योजनाओं का संचालन

26 अगस्त 2025, उज्जैन: पंचायतों को सौंपा जाएगा पेयजल आपूर्ति के लिए बनाई गईं एकल ग्राम योजनाओं का संचालन – जिले के गांवों में सरकार द्वारा हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए योजना का संचालन किया जा रहा है वहीं अब इसी कड़ी में पेयजल आपूर्ति के लिए जो एकल ग्राम योजनाओं को बनाया गया है उनका संचालन पंचायतों को सौंपने का भी निर्णय सूबे की मोहन यादव सरकार द्वारा लिया गया है।

प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता केवल हर घर तक नल से जल पहुंचाने की ही नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि पेयजल सुविधा आने वाले वर्षों तक सतत और गुणवत्तापूर्ण रूप में उपलब्ध हो। इसके मद्देनजर मप्र में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 28 हजार गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए बनाई गईं एकल ग्राम योजनाओं का संचालन पंचायतों को सौंपा जाएगा। इन्हें तकनीकी सहयोग के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तीन साल के लिए एजेंसी तैनात करेगा। इस पर लगभग 900 करोड़ रुपये का सालाना व्यय भार आएगा, जो राज्य सरकार उठाएगी।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में एकल ग्राम योजनाओं का संचालन पंचायतों द्वारा की जाती है। जिसे मप्र में भी लागू करने का सैद्धांतिक निर्णय मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में ग्रामीण नल जल योजना संचालन, संधारण एवं प्रबंधन नीति पर उच्च स्तरीय चर्चा के दौरान लिया गया। प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जो योजनाएं तैयार हुई हैं, उनके संचालन और संधारण का जिम्मा किसे दिया जाएगा, इसे लेकर लंबे समय से मंथन चल रहा था। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश थे कि इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ दीर्घावधि तक प्रदेशवासियों को मिलना चाहिए, इसके लिए नीति बनाई जाए ताकि जिम्मेदारियां स्पष्ट हों। इसे देखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने अन्य राज्यों के प्रावधानों का अध्ययन कराके ग्रामीण नल जल योजना संचालन, संधारण एवं प्रबंधन नीति का प्रारूप तैयार किया। इसमें बताया गया कि एकल ग्राम नल जल योजनाओं का संचालन पंचायतें करेंगी। छोटे-मोटे काम देखने की जिम्मेदारी इनकी ही रहेगी। वहीं इन्हें जो तकनीकी सहयोग विभाग उपलब्ध कराएगा। चूंकि, विभाग के पास तकनीकी अमला कम है, इसलिए एजेंसी का चयन किया जाएगा। यह व्यवस्था तीन वर्ष के लिए लागू की जाएगी और परिणाम के आधार पर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया जाएगा।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com

Advertisements