राज्य कृषि समाचार (State News)

अब सौर ऊर्जा का लिया जाएगा सहारा ग्राम पंचायतों में

30 दिसंबर 2024, उज्जैन: अब सौर ऊर्जा का लिया जाएगा सहारा ग्राम पंचायतों में – पूरे प्रदेश के साथ ही जिले में भी ग्राम पंचायतों में महंगी बिजली के कारण पंचायतों का बजट बिगड़ गया है और यही कारण है कि अब पंचायतों द्वारा सौर ऊर्जा का सहारा लिया जाएगा ताकि महंगी बिजली से राहत मिल सके और जो पैसा बिजली की बचत से होगा उसे पंचायतों द्वारा संबंधित ग्रामों के विकास में लगाया जाएगा।

 बिजली कंपनियों की महंगी बिजली से निजात पाने ग्राम पंचायतें अब सौर ऊर्जा का सहारा लेंगी। मप्र के गांवों को रोशन करने के लिए ग्राम पंचायतों में सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतें अलग-अलग सौर ऊर्जा लाइट्स लगाने के स्थान पर अपने क्षेत्र में संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए आवश्यक क्षमता अनुसार सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित कर रही हैं। इससे ग्राम पंचायतें अपने लिए ऊर्जा की आवश्यकता पूर्ति खुद कर पाएंगी।
दरअसल, अब सरकार गांव-गांव तक सस्ती बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी में है। इसके चलते ग्राम पंचायतों में सोलर प्लांट लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह काम ग्रामीण यांत्रिकी विभाग को सौंपा गया है। ग्रामीण यांत्रिकी विभाग ने ग्राम पंचायतों में सोलर प्लांट लगाए जाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार पीएम सूर्य घर योजना के तहत सब्सिडी भी उपलब्ध करा रही है। पीएम सूर्य घर योजना एक किलोवाट सोलर पर 30 हजार, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपए और तीन किलोवॉट या उससे ऊपर के सोलर संयंत्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही है। यह सब्सिडी पहले से ज्यादा है। इस योजना के तहत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सब्सिडी देना शुरू कर दिया है। पहले एक किलोवॉट के सोलर पैनल पर 14 हजार 588 रुपए की सब्सिडी दी जा रही थी। जनवरी-24 में बढ़ाकर 18 हजार रुपए प्रति किलोवाट कर दी गई थी। अब एक किलोवॉट पर 30 हजार की सब्सिडी दी जा रही है।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

Advertisement
Advertisement

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement