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भोपाल में महिला दिवस पर आयोजन, 102 ड्रोन दीदियां ​​​​​​​उड़ाएंगी ड्रोन, पीएम मोदी भी करेंगे इनसे संवाद

28 फरवरी 2024, भोपाल: भोपाल में महिला दिवस पर आयोजन, 102 ड्रोन दीदियां ​​​​​​​उड़ाएंगी ड्रोन, पीएम मोदी भी करेंगे इनसे संवाद – पीएम मोदी की पहल ‘ड्रोन दीदी’ के तहत प्रशिक्षित 102 ग्रामीण महिलाएं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) पर भोपाल में ड्रोन उड़ाकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगी। इनमें 89 मप्र की और बाकी महाराष्ट्र की महिलांए शामिल होंगी। इसके साथ ही 8 मार्च को मप्र, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक सहित 10 प्रदेशों में 1,092 ड्रोन दीदियों का कार्यक्रम प्रस्तावित है। पीएम नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने मन की बात एपिसोड में इन योजना का जिक्र किया था।

इन राज्यों की महिलाएं उड़ाएंगी ड्रोन

इस अनूठे कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की 89 , महाराष्ट्र 60 , आँध्र प्रदेश 108, गुजरात 58 , गोवा 01, हरियाणा 102 ,कर्नाटक 145 , पंजाब 57, हिमाचल प्रदेश 4 , उत्तराखंड 3 , राजस्थान 40 , तमिलनाडु 44 , केरल 51, तेलंगाना 81, उत्तर प्रदेश 128 , छत्तीशगढ़ 15 , बिहार 32 , झारखंड 15 ,ओडिशा 16 , असम 28 , वेस्ट बंगाल की 15 कुल 1092 ट्रेंड पायलट ड्रोन दीदी एक साथ ड्रोन फ्लाई करेंगी। इस आयोजन में सभी ट्रेंड पायलट ड्रोन दीदी मौजूद रहेंगी और प्रधानमंत्री से संवाद करेंगी।

मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र की महिलांए उड़ाएंगी 102 ड्रोन

जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री इस आयोजन में दिल्ली से वर्चुअल रूप से जुड़ेंगे। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन गवर्मेंट ऑफ़ इंडिया (डीजीसीए) से मान्यता प्राप्त रिमोट पायलट प्रशिक्षण संगठन (आरपीटीओ) द्वारा प्रशिक्षित ड्रोन दीदी अपने – अपने राज्यों से जुड़कर ड्रोन फ्लाई करेंगी। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ पल्सेस रिसर्च सेंटर, फंदा जिला भोपाल में मौजूद रहकर मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की महिलायें एक साथ 102 ड्रोन उड़ाएंगी।  

आज हर क्षेत्र में नारी-शक्ति आगेः पीएम मोदी

देशवासियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक किसने सोचा था कि हमारे देश में, गांव में रहने वाली महिलाएं भी ड्रोन उड़ाएंगी। लेकिन आज ये संभव हो रहा है। भारत की नारी-शक्ति हर क्षेत्र में प्रगति की नई ऊँचाइयों को छू रही है।

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केंद्र सरकार 2024 के बजट भाषण में लखपति दीदी लक्ष्य को 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ करने की योजना बना रही है। ‘लखपति दीदी’ शब्द स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिला सदस्यों की उद्यमशीलता दर्शाता है।  वे अपने कौशल का उपयोग कर प्रति वर्ष कम से कम 1 लाख रुपये की आय अर्जित करती हैं। इसका उद्देश्य आर्थिक स्वतंत्रता और महिला सशक्तिकरण है।

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नमो ड्रोन दीदी योजना अतिरिक्त आय का बन रहा जरिया

10 करोड़ ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के साथ ग्रामीण सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य बदल रही हैं। लखपति दीदी योजनाओं को लेकर प्रधानमंत्री का मानना है की अब तक 1 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जबकि इस साल के बजट के तहत इनकी संख्या 3 करोड़ तक बढ़ाने पर काम चल रहा है। नमो ड्रोन दीदी योजना में जहां महिलाओं के समूहों को खेती में उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। उनके लिए अतिरिक्त आय का जरिया बन रहा है। लखपति दीदी योजना में खाद कंपनियां महिला एसएचजी को ड्रोन देंगी, इस ड्रोन का इस्तेमाल खेती के काम में खासकर कीटनाशक व खाद के छिड़काव के लिए किया जाएगा।

15,000 महिला एसएचजी को ड्रोन मुहैया करायेगी सरकार

महिला स्व सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को लखपति बनाने की योजना के तहत सरकार ने 1,261 करोड़ रुपए खर्च कर 15,000 महिला एसएचजी को ड्रोन मुहैया कराने का फैसला किया है। वित्त वर्ष 2024-25 व वित्त वर्ष 25-26 के दौरान महिला एसएचजी को 14,500 ड्रोन दिए जाएंगे। इस ड्रोन योजना के माध्यम से ड्रोन उर्वरकों और कीटनाशकों के छिड़काव में सहायता मिलेगी। इसके मान्यता प्राप्त आरपीटीओ से करीब 15 दिन की ट्रेनिंग दी जा रही है। ड्रोन पायलट को 15,000 रुपये और सह-पायलट को करीब 10,000 रुपये का मानदेय मिलेगा।

ड्रोन दीदी योजना का लक्ष्य 15,000 महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को किसानों को किराये की सेवाएं प्रदान करने के लिए ड्रोन प्रदान करके सशक्त बनाना है। ग्रामीण महिलाओं को अत्याधुनिक तकनीक प्रदान करके कृषि पद्धतियों को आधुनिक बनाने की आवश्यकता को संबोधित करती है, जिससे उन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाया जा सके। ड्रोन एयरोनॉटिक्स के उभरते क्षेत्र में अवसर पैदा करता है, ग्रामीण महिलाओं को पायलट, मैकेनिक और स्पेयर-पार्ट डीलर के रूप में अवसर प्रदान करता है।  

कुशल फर्टिगेशन प्रणाली: यह योजना समय की बचत और समान वितरण के लिए नवीन तरल उर्वरकों और ड्रोन प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए एक कुशल फर्टिगेशन प्रणाली के विकास में योगदान देती है।

यह योजना ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ तकनीकी नवाचार का लाभ उठाने और उन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था के केंद्र में स्थापित करने के लिए तैयार की गई है। ग्रामीण महिलाओं के लिए ड्रोन पायलट, मैकेनिक और स्पेयर-पार्ट डीलर के रूप में अवसर सामने आएंगे। ड्रोन प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर और कृषि में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देकर, यह योजना ग्रामीण भारत में समृद्धि और विकास के एक नए युग की शुरुआत करने के लिए तैयार है। ड्रोन दीदी पहल कृषि पद्धतियों को पुनर्जीवित करने और ग्रामीण महिलाओं के उत्थान की पहल है।

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