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राज्य कृषि समाचार (State News)

45 एकड़ में जैविक खेती, साथ में एग्रो टूरिज्म और गौशाला; इंदौर के किसान ने तैयार किया कमाई का अनोखा मॉडल  

23 अगस्त 2026, इंदौर : 45 एकड़ में जैविक खेती, साथ में एग्रो टूरिज्म और गौशाला; इंदौर के किसान ने तैयार किया कमाई का अनोखा मॉडल – मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के ग्राम मोरोंदहाट के किसान दिलीप सिंह तोमर ने खेती को सिर्फ फसल उत्पादन तक सीमित न रखते हुए इसे आय के कई साधनों से जोड़ा है। किसान के पास 45 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें करीब 35 एकड़ में कई वर्षों से जैविक खेती की जा रही है। इसके साथ ही लगभग 5 एकड़ में एग्रो टूरिज्म फार्म विकसित किया गया है, जबकि फार्म पर गौशाला भी संचालित की जा रही है। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत संयुक्त संचालक कृषि सिंह ने किसान के फार्म का भ्रमण कर यहां संचालित विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया।

35 एकड़ में जैविक खेती, सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचती उपज

किसान दिलीप सिंह तोमर ने बताया कि परिवार द्वारा पिछले कई वर्षों से करीब 35 एकड़ में जैविक खेती की जा रही है। खेत में उत्पादित जैविक उपज का प्रसंस्करण करने के बाद उसे सीधे उपभोक्ताओं को बेचा जाता है। इससे किसान को अपनी उपज के लिए सीधे बाजार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। फार्म पर विभिन्न प्रकार की सब्जियों का भी जैविक उत्पादन किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए यहां बायो डिजास्टर लगाया गया है, जिसमें जीवाणुओं का तेजी से गुणन होता है। इससे तैयार जैविक सामग्री किसानों को उपलब्ध कराई जा रही है।

5 एकड़ में एग्रो टूरिज्म फार्म

किसान ने करीब 5 एकड़ क्षेत्र में एग्रो टूरिज्म फार्म विकसित किया है। यहां तालाब, लकड़ी से बने घर और पौधरोपण के साथ ग्रामीण परिवेश तैयार किया गया है। आगंतुकों के लिए फार्म पर विवाह समारोह, जन्मदिन और सप्ताहांत कार्यक्रम आयोजित करने की सुविधा भी है। इन आयोजनों के लिए पहले से बुकिंग कराई जाती है। इस तरह फार्म पर खेती के साथ एग्रो टूरिज्म से भी आय का एक अतिरिक्त जरिया तैयार किया गया है।

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40 गिर गायों की गौशाला

फार्म पर गौशाला भी संचालित की जा रही है, जिसमें करीब 40 गिर नस्ल की गायें हैं। इनसे प्राप्त दूध और घी का विक्रय किया जाता है। इससे पशुपालन को भी खेती से जोड़कर अतिरिक्त आय का माध्यम बनाया गया है।

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प्राकृतिक खेती और सीधे बाजार से जुड़ने पर जोर

भ्रमण के दौरान संयुक्त संचालक कृषि श्री सिंह ने फार्म पर की जा रही विभिन्न कृषि गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने जैविक उत्पादों के प्रभावी विपणन के लिए प्राकृतिक कृषक उत्पादक समूह के गठन की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही फार्म पर संचालित गतिविधियों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने की बात कही।

दूसरे किसान के फार्म पर भी प्राकृतिक खेती का अवलोकन

इसके बाद संयुक्त संचालक कृषि ने ग्राम उमरिया खुर्द के प्रगतिशील किसान श्री आनंद सिंह ठाकुर के प्राकृतिक एवं जैविक खेती आधारित फार्म का भी भ्रमण किया। किसान करीब 10 एकड़ भूमि में कई वर्षों से जैविक और प्राकृतिक तरीके से खेती कर रहे हैं। उन्होंने फसल विविधीकरण अपनाते हुए खेत में हल्दी, अरहर, मूंगफली और मक्का सहित विभिन्न फसलों की खेती की है। मक्का की पॉपकॉर्न, स्वीट कॉर्न और देशी किस्मों के साथ सोयाबीन की पीएस-1569 किस्म भी लगाई गई है।

खेत में ढेंचा को हरी खाद के रूप में मिट्टी में मिलाया गया है। इससे मिट्टी में नाइट्रोजन की पूर्ति और जैविक कार्बन बढ़ाने में मदद मिलती है। खेत की मेड़ों और आसपास फलदार पौधे भी लगाए गए हैं। किसान ने बताया कि जैविक और प्राकृतिक खेती से प्राप्त उत्पादों को जैविक सेतु और जैविक बाजार, दक्कन वाले कुआं के माध्यम से सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता है। इस कारण उन्हें अपनी जैविक उपज मंडी में बेचने की जरूरत नहीं पड़ती।

संयुक्त संचालक कृषि ने इंदौर संभाग के किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जैविक और प्राकृतिक खेती से लागत कम करने के साथ मिट्टी की उर्वरता और स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद मिलती है। उन्होंने किसानों के बीच प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और फसल विविधीकरण का प्रचार बढ़ाने तथा प्रगतिशील किसानों के उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

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