कृषि विवि में खाद्य समूहों की पोषण में भूमिका पर ऑनलाईन प्रशिक्षण

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14 सितंबर 2020, जबलपुर। कृषि विवि में खाद्य समूहों की पोषण में भूमिका पर ऑनलाईन प्रशिक्षणजवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा पोषण माह में 30 सितम्बर तक प्रशिक्षणों एवं प्रदर्शनों का आयोजन किया जा रहा है। निदेषक विस्तार सेवायें डॉ. (श्रीमति) ओम गुप्ता के निर्देषन तथा केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. (श्रीमति) रष्मि शुक्ला एवं प्रभारी डॉ. डी.के. सिंह के मार्गदर्शन में 36 आंगनबाड़ी कार्यकताओं को ‘‘प्रमुख खाद्य समूहों की पोषण में भूमिका पोषक मूल्य एवं स्थानीय उपलब्धता’’ विषय पर ऑन लाईन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में केन्द्र की पोषण विशेषज्ञ डॉ. नीलू विश्वकर्मा ने बताया कि भोजन में अनाजों का उपयोग मुख्य खाद्यान्न के रूप में किया जाता है। अनाओं में गेहूं, चॉवल, मक्का, ज्वार, कोदों, कुटकी, रागी एवं जौ का उपयोग उपलब्धतानुसार किया जाता है। उपलब्ध खाद्य पदार्थो का निर्धारण द्वारा ही आहार को सन्तुलित बनाया जाना चाहिए।

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किसानों एवं महिलाओं को संतुलित पोषण आहार बनाने का तरीका भी बताया जा रहा है। गेहूं के साथ मक्का ज्वार, बाजरा, रागी, कोदों, कुटकी एवं चना आदि मिलाकर मिश्रित आटा तैयार किया जाता है। लड्डू, पन्जीरी, खुरमें, चकली तैयारी करने आदि की विधि बताई गई। रागी या बाजरा द्वारा तैयार शिशु खाद्य आहार तैयार करने का भी तरीका बताया गया।

स्थानीय मौसमी सब्जियों के उपयोग से सस्ते ऑक्सीकृत भोज्य पदार्थो की उपलब्धता जैसे अलसी, सहजन, नींबू, ऑवला, टमाटर, हरे पत्तेदार सब्जियों एवं अंकुरित दालों के उपयोग से पोषण के स्तर को बढ़ाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. पूजा चतुर्वेदी, डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. यतिराज खरे, डॉ. अक्षता तोमर, डॉ. प्रमोद शर्मा, डॉ. नितिन सिंघई, डॉ. जी.जी. एनी अब्राहम उपस्थित रहे।

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