ओडिशा की महिला स्वयं सहायता समूह ने लंदन भेजे अमरपाली आम, कृषि निर्यात में रचा नया इतिहास
06 जून 2026, भुवनेश्वर: ओडिशा की महिला स्वयं सहायता समूह ने लंदन भेजे अमरपाली आम, कृषि निर्यात में रचा नया इतिहास – महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए ओडिशा के अंगुल जिले की माँ कालिजाई स्वयं सहायता समूह (SHG) ने 7.5 क्विंटल अमरपाली आम का सफलतापूर्वक लंदन निर्यात किया है। यह उपलब्धि न केवल ओडिशा के कृषि निर्यात क्षेत्र को नई पहचान दे रही है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ग्रामीण महिलाएं अब वैश्विक बाजारों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
यह निर्यात ओडिशा सरकार के कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग (DA&FE) के अंतर्गत संचालित प्रमोशन एंड स्टेबिलाइजेशन ऑफ फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (PSFPO) परियोजना के सहयोग से संभव हुआ है। परियोजना के कार्यान्वयन साझेदार पैलेडियम कंसल्टिंग ने इस निर्यात के लिए बाजार संपर्क और विपणन सुविधा उपलब्ध कराई। वहीं मिशन शक्ति और ओडिशा लाइवलीहुड्स मिशन (OLM) ने स्वयं सहायता समूह को मजबूत बनाने और उसकी क्षमताओं को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कृषि निर्यात के क्षेत्र में आमतौर पर किसान उत्पादक संगठन (FPO) अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं, क्योंकि उनके पास बड़े स्तर पर उत्पादन, संसाधन और बाजार नेटवर्क उपलब्ध होते हैं। इसके विपरीत स्वयं सहायता समूह अपेक्षाकृत छोटे स्तर पर कार्य करते हैं और उन्हें निर्यात बाजारों तक पहुंचने के अवसर सीमित मिलते हैं। ऐसे में माँ कालिजाई SHG द्वारा किया गया यह निर्यात एक नई शुरुआत और महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।
वर्ष 2026 में अब तक ओडिशा से लगभग 90 मीट्रिक टन आम का निर्यात किया जा चुका है। इस उपलब्धि में अब महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा किया गया यह निर्यात भी शामिल हो गया है, जो राज्य की समावेशी कृषि विकास रणनीति को नई मजबूती प्रदान करता है।
इस सफलता का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि माँ कालिजाई SHG ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों की गुणवत्ता आवश्यकताओं को पूरा करते हुए आमों के संग्रहण, ग्रेडिंग और विपणन की प्रक्रिया में सफल भागीदारी निभाई। इससे यह साबित होता है कि यदि उचित प्रशिक्षण, संस्थागत सहयोग और बाजार संपर्क उपलब्ध कराया जाए तो छोटे ग्रामीण समूह भी वैश्विक व्यापार का हिस्सा बन सकते हैं।
पैलेडियम कंसल्टिंग किसानों और उत्पादक संगठनों के लिए जागरूकता कार्यक्रम, निर्यात उन्मुख कार्यशालाएं, फील्ड डेमोंस्ट्रेशन तथा निर्यातकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित करता है। इसके साथ ही संस्था किसानों, एफपीओ और खरीदारों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा निरंतर तकनीकी सहायता प्रदान करने का कार्य भी कर रही है, जिससे ओडिशा के कृषि निर्यात को नई गति मिल रही है।
माँ कालिजाई SHG की सदस्य रुपाली प्रधान ने इस अवसर पर कहा, “हमने अपने परिवारों की सहायता के लिए एक छोटे समूह के रूप में शुरुआत की थी। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे आम अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेंगे। हमारे आमों का लंदन पहुंचना हमारे लिए गर्व और खुशी का क्षण है। यह उपलब्धि हमारे आत्मविश्वास, एकजुटता और बड़े सपने देखने की क्षमता का प्रतीक है।”
पैलेडियम के एग्रीबिजनेस विशेषज्ञ सौम्य रंजन साहू ने कहा, “माँ कालिजाई SHG का यह निर्यात इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि क्षमता निर्माण, संस्थागत सहयोग और प्रभावी बाजार संपर्क के माध्यम से छोटे उत्पादक समूहों को भी वैश्विक अवसरों से जोड़ा जा सकता है। यह उपलब्धि ओडिशा में समावेशी कृषि निर्यात के लिए एक नया मानक स्थापित करती है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की पहलें किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। माँ कालिजाई SHG द्वारा लंदन को अमरपाली आम का निर्यात इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण भारत की महिलाएं अब केवल स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भी अपनी सफलता की नई कहानी लिख रही हैं।
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