उर्वरक वितरण व्यवस्था ई -विकास प्रणाली 2.0 के लिए नए नियम लागू
21 अगस्त 2026, इंदौर: उर्वरक वितरण व्यवस्था ई -विकास प्रणाली 2.0 के लिए नए नियम लागू – मध्य प्रदेश में उर्वरक वितरण व्यवस्था ई -विकास ( वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान ) 2.0 प्रणाली के लिए नए प्रावधान लागू हो गए हैं। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा गठित समिति से प्राप्त सुझावों का अंगीकरण किया गया है। जिससे पोर्टल अधिक सरल , पारदर्शी और प्रभावी हो गया है। इन 12 बिंदुओं की विशेषताओं को इस प्रकार समझा जा सकता है।
ई -विकास प्रणाली 2.0 में किसान अपनी स्वेच्छानुसार कोई भी एक उर्वरक को बिना किसी बंधन के खरीद सकता है। आईसीएआर की फसलवार अनुशंसा के अनुसार या उससे अधिक मनचाहा उर्वरक पहली बार में ही किसान खरीद सकता है। अतिरिक्त उर्वरक लेने के लिए 50 शब्दों में लिखने की बाध्यता को हटा कर ड्राप डाउन द्वारा कारण चयन की सुविधा दी गई है। मार्कफेड के डबल लॉक केंद्रों पर प्रतिदिन 300 टोकन प्रति दिन से अधिक टोकन जनरेट करने हेतु आवश्यकतानुसार बढ़ाने की सुविधा दी गई है। ई -विकास प्रणाली 2.0 में उर्वरक की गणना प्रति हेक्टेयर बैग में कर दी गई है। किसान द्वारा टोकन जनरेट करने के 24 घंटे बाद टोकन निरस्त करने की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। फसल खराब होने पर किसान द्वारा पुनः उर्वरक की मांग करने हेतु एक्सेप्शनल हैंडलिंग में सुविधा दी गई है। एक्सेप्शनल हैंडलिंग में प्राप्त प्रकरणों तहसीलदार / अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) द्वारा 48 घंटे के भीतर अनुमोदन किया जाएगा। किसान ई -विकास प्रणाली से संबंधित समस्याएं ई – विकास हेल्पलाइन नंबर +917880223344 पर प्रातः 10 बजे से शाम 6 बजे तक प्रत्येक शाकीय कार्य दिवसों में दर्ज़ करा सकते हैं।
पोर्टल पर फसलवार आईसीएआर की फसलवार अनुशंसा अनुसार विभिन्न उर्वरक समूहों की जानकारी प्रदर्शित की जा रही है, जिससे किसान मन पसंद उर्वरक के समूह का चयन कर सकेगा। मार्कफेड के डबल लॉक केंद्रों में आवश्यकतानुसार अधिकतम उर्वरक का भंडारण किया जाएगा। इसके लिए ऑटोमेटेड व्यवस्था बनाई जा रही है। ई -विकास 2.0 से मोबाइल पर WhatsApp Bot द्वारा टोकन जनरेट करने की सुविधा शीघ्र उपलब्ध कराई जा रही है। जिसमें किसान व्हाट्सएप पर HELP / मदद लिखकर टोकन, रिटेलर, उर्वरक ,उठाव तिथि एवं टोकन की वैधता की जानकारी प्राप्त कर उर्वरक खरीद सकेंगे। यह पहल मध्यप्रदेश में तकनीक आधारित एवं किसान हितैषी डिजिटल सेवाओं को और मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा , जो कि देश में पहली बार किया जा रहा है। सभी किसानों को फार्मर आईडी बनाने , अग्रिम उर्वरक उठाव एवं पैक्स सदस्यता हेतु अभियान 20 अगस्त 2026 से चलाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा 31 जुलाई 2026 को जारी आदेश में ई – विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान ) प्रणाली के संबंध में विभिन्न किसान संगठनों ,निजी विक्रेताओं एवं समस्त अन्य स्टेकहोल्डर के प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त करने तथा ई – विकास प्रणाली के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाए जाने के उद्देश्य से कृषि उत्पादन आयुक्त ,मप्र शासन , भोपाल की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया था। समिति से प्राप्त सुझावों को ई -विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान ) प्रणाली 2.0 में अंगीकरण किया गया है। इसी संदर्भ में सचिव , मप्र शासन , किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग , भोपाल द्वारा 19 अगस्त 2026 को जारी पत्र में दिशा निर्देशों के अनुसार ई -विकास प्रणाली 2.0 से उर्वरक विक्रय किया जाएगा। यह व्यवस्था सभी प्रकार के रिटेल उर्वरक विक्रेताओं ( निजी एवं सहकारी ) पर लागू होगी।
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