Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान में पोषक अनाज के ज्यादा से ज्यादा प्रचार- प्रसार की आवश्यकता : मुख्य सचिव

अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में समीक्षा बैठक 

12 फरवरी 2023,  जयपुर । राजस्थान में पोषक अनाज के ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार की आवश्यकता : मुख्य सचिव – मुख्य सचिव श्रीमती उषा शर्मा ने कहा  कि पोषक अनाज अच्छी सेहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं इसलिए हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में  हमें इन्हें शामिल करना चाहिए। श्रीमती शर्मा शासन सचिवालय में अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष के तहत आयोजित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रही थी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पोषक अनाज के फायदे और उनके गुणों के बारे में ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार कर लोगों को जागरूक करें। 

बैठक में कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री दिनेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान में मिलेट्स के तहत बाजरा और ज्वार प्रमुख फसलें हैं। बाजरा उत्पादन में राजस्थान का देश भर में प्रथम और ज्वार उत्पादन में तीसरा स्थान है तथा राज्य के दक्षिणी जिलों के  जनजातीय क्षेत्रों में सावां,कांगनी, कोदों, कुटकी इत्यादि मिलेट्स की भी खेती होती हैै।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

श्री दिनेश कुमार ने मिलेटस के प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार की और किये गए प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2022—23 के बजट में राजस्थान मिलेटस मिशन की घोषणा की गई। खरीफ 2022  में बाजरा बीज के 8.32 लाख मिनी किट नि:शुल्क वितरित किये गए। वहीं  5  करोड़ रूपये की लागत से मिलेटस उत्कृष्टता केंद्र जोधपुर में स्थापित किया जा रहा है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

श्री दिनेश कुमार ने बताया कि मिलेट्स पोषणीय एवं औषधीय गुणों के कारण कुपोषण,मोटापा  हृदय रोग तथा मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों से बचाते हैं। इनमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं।

प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि राज्य में मिलेट्स को लोकप्रिय बनाने के लिए मिलेटस पोषण महत्व पर राज्य स्तरीय सेमीनार व एग्रो प्रोसेसिंग पर कॉन्क्लेव आयोजित किया जायेगा जिसमें मिलेटस उत्पादक, कृषि व्यवसायी, स्टार्टअप, स्वयं सेवी संस्थाएं, कृषि वैज्ञानिक एवं अधिकारी संवाद कर ठोस रणनीति तैयार करेंगे। बैठक में कृषि आयुक्त श्री कानाराम, कृषि विपणन विभाग के निदेशक श्री सीताराम जाट सहित सम्बंधित विभागों के उच्चाधिकारी भी उपस्थित थे।

महत्वपूर्ण खबर: गेहूं की फसल को चूहों से बचाने के उपाय बतायें