Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

उत्तर प्रदेश में गैर-सब्सिडी उर्वरकों की जबरन टैगिंग पर रोक

27 फरवरी 2026, लखनऊ: उत्तर प्रदेश में गैर-सब्सिडी उर्वरकों की जबरन टैगिंग पर रोक –  उत्तर प्रदेश सरकार ने उर्वरक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और किसान हितों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए गैर-सब्सिडी उर्वरकों की जबरन बिक्री (टैगिंग) पर रोक लगा दी है। इस कदम से उर्वरकों के वितरण में निष्पक्षता बढ़ेगी तथा किसानों को अपनी फसल और मिट्टी की आवश्यकता के अनुसार उर्वरक चुनने की स्वतंत्रता मिलेगी।

यह निर्णय उर्वरक बाजार में संतुलन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है। जबरन टैगिंग व्यवस्था समाप्त होने से लंबे समय से उठ रही उन चिंताओं का समाधान होगा, जिनमें किसानों की पसंद सीमित होने और बाजार व्यवस्था में असमानता की बात कही जा रही थी।

इस फैसले का स्वागत करते हुए सॉल्युबल फर्टिलाइजर इंडस्ट्री एसोसिएशन ने इसे दूरदर्शी और किसान-केन्द्रित पहल बताया। एसोसिएशन ने कहा कि यह कदम सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के निर्माताओं, आयातकों और खुदरा विक्रेताओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करेगा तथा संतुलित और प्रतिस्पर्धी बाजार वातावरण को मजबूत करेगा।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीब चक्रवर्ती ने कहा, “गैर-सब्सिडी उर्वरकों की जबरन बिक्री (टैगिंग) पर रोक लगाने का उत्तर प्रदेश सरकार का निर्णय एक दूरदर्शी पहल है। इससे उर्वरक वितरण में निष्पक्षता आएगी और किसानों को अपनी फसल एवं मिट्टी की आवश्यकताओं के अनुरूप उत्पाद चुनने की स्वतंत्रता मिलेगी। हमारा संगठन लंबे समय से ऐसे संतुलित और प्रतिस्पर्धी बाजार वातावरण की वकालत करता रहा है, जहां सभी निर्माता, आयातक और खुदरा विक्रेता समान अवसर के साथ कार्य कर सकें। यह सुधार सभी हितधारकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में सकारात्मक कदम है और नवाचार-आधारित कृषि को प्रोत्साहित करेगा। हम माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी तथा माननीय कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही जी के नेतृत्व की सराहना करते हैं। हमें आशा है कि अन्य राज्य भी ऐसे सुधार अपनाकर देशभर में किसान-केन्द्रित और पारदर्शी कृषि तंत्र को सुदृढ़ करेंगे।”

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

उद्योग जगत का मानना है कि यदि अन्य राज्य भी इसी प्रकार के सुधार लागू करते हैं तो इससे पूरे देश में पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और नवाचार-आधारित कृषि व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा किसानों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture