प्राकृतिक खेती समय की आवश्यकता- कलेक्टर आगर मालवा
20 फरवरी 2026, आगर मालवा: प्राकृतिक खेती समय की आवश्यकता- कलेक्टर आगर मालवा – प्राकृतिक खेती समय की आवश्यकता है। इससे मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार होता है, फसलों की गुणवत्ता बढ़ती है और मानव जीवन भी अधिक स्वस्थ बनता है। साथ ही लागत कम होने से कृषकों को खेती से अत्यधिक लाभ मिलेगा। यह बात कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव ने बुधवार को ग्राम हिरणखेड़ी में कृषकों से कही। कलेक्टर ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन अंतर्गत किसान कल्याण एवं कृषि विकास योजना के तहत 1.00 लाख रुपए की लागत से ग्राम हिरणखेड़ी के कृषक श्री महेश पाटीदार के यहां स्थापित बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर का शुभारम्भ किया और कृषकों को सम्बोधित किया।
कलेक्टर ने कहा कि एक गाय से पालन से लगभग 30 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती संभव है। बी.आर.सी. (बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर) के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती से संबंधित प्रचार-प्रसार, सलाह एवं शोध का लाभ मिलेगा। यहां से किसान सहजता एवं सुलभता के साथ उचित मूल्य पर जीवामृत, घन जीवामृत, नीमास्त्र एवं ब्रह्मास्त्र जैसे जैविक इनपुट प्राप्त कर सकेंगे। इनके उपयोग से रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम होगी तथा कीट एवं रोगों का प्रकोप भी घटेगा।उन्होंने कहा कि यह केंद्र क्षेत्र के किसानों के लिए बेहतर परिणाम देगा, जिससे कम ऊर्जा व्यय में अधिक उत्पादन एवं लाभ संभव होगा। इस मौके पर कलेक्टर द्वारा कृषक श्री प्रेम नारायण पाटीदार एवं श्री राहुल पाटीदार को ग्रीष्मकालीन तिल का बीज का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम में उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री विजय चौरसिया, सरपंच श्री पवन पाटीदार, बी.आर.सी. संचालक श्री महेश पाटीदार (तवीसा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड), सी.बी.बी.ओ. से श्री योगेन्द्र कौशिक, कृषि विभाग एवं आत्मा का अमला तथा बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
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