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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारतीय राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के सदस्य को अमेरिका से 5,000 टन बासमती चावल निर्यात का ऑर्डर

19 फरवरी 2026, नई दिल्ली: भारतीय राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के सदस्य को अमेरिका से 5,000 टन बासमती चावल निर्यात का ऑर्डर – भारतीय राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (IREF) के एक सदस्य निर्यातक ने संयुक्त राज्य अमेरिका को 5,000 टन प्रीमियम भारतीय बासमती चावल के निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण वाणिज्यिक समझौता किया है। इस सौदे को भारत–अमेरिका कृषि व्यापार संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक बाजार में भारतीय बासमती की बढ़ती मांग का संकेत माना जा रहा है।

फेडरेशन के अनुसार, यह निर्यात ऑर्डर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय बासमती चावल की गुणवत्ता, विशिष्ट सुगंध और लंबे दाने की लोकप्रियता को दर्शाता है। हाल के समय में व्यापार सुगमता उपायों और अनुकूल टैरिफ संरचनाओं ने प्रमुख वैश्विक बाजारों में भारतीय कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

IREF ने अपने बयान में कहा कि यह समझौता भारतीय बासमती चावल की श्रेष्ठता और विश्वसनीयता की पुष्टि करता है तथा वैश्विक खरीदारों का भारतीय निर्यातकों पर लगातार बना विश्वास दर्शाता है। फेडरेशन ने यह भी उल्लेख किया कि भारत और अमेरिका के बीच सकारात्मक व्यापारिक संवाद भविष्य में कृषि निर्यात के नए अवसरों को जन्म देगा।

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फेडरेशन ने बताया कि भारतीय निर्यातक गुणवत्ता नियंत्रण और ट्रेसबिलिटी को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, ताकि निर्यातित उत्पाद अंतरराष्ट्रीय मानकों पर पूरी तरह खरे उतरें। साथ ही, वैश्विक खाद्य सुरक्षा और फाइटोसैनिटरी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे प्रमुख बाजारों में निर्बाध पहुंच बनी रहे। निर्यातक सतत खेती और जिम्मेदार सोर्सिंग प्रथाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ उच्च मूल्य वाले अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय बासमती की उपस्थिति को और विस्तार देने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।

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भारत वर्तमान में विश्व का सबसे बड़ा बासमती चावल निर्यातक है और उत्तर अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व तथा एशिया सहित अनेक क्षेत्रों में प्रीमियम किस्मों की आपूर्ति करता है। विशेष और सुगंधित चावल की बढ़ती उपभोक्ता मांग के कारण अमेरिकी बाजार भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बना हुआ है।

फेडरेशन का मानना है कि इस तरह के वाणिज्यिक समझौते भारत की मजबूत कृषि-निर्यात प्रणाली को और सुदृढ़ करते हैं तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच भारतीय चावल निर्यातकों की क्षमता, लचीलापन और अनुकूलनशीलता को प्रदर्शित करते हैं। IREF ने निर्यातकों, नीति-निर्माताओं और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ मिलकर भारत के बासमती निर्यात को और बढ़ाने तथा देश की कृषि निर्यात अर्थव्यवस्था को गति देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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