राज्य कृषि समाचार (State News)

बालाघाट जिले की मुन्नीबाई की खेत तालाब से बदली तक़दीर

23 जनवरी 2026, बालाघाट: बालाघाट जिले की मुन्नीबाई की खेत तालाब से बदली तक़दीर – बालाघाट जिले की जनपद पंचायत परसवाड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत शैला की रहने वाली श्रीमती मुन्नीबाई टेकाम के लिए खेती केवल रोजगार नहीं, बल्कि जीवन का सहारा रही है। पति धर्म सिंह टेकाम के साथ वर्षों से वे खेती पर निर्भर हैं, लेकिन वर्षा आधारित खेती होने के कारण उनका जीवन हमेशा अनिश्चितताओं से घिरा रहा। कभी बारिश साथ देती तो फसल अच्छी होती, तो कभी सूखे की मार से मेहनत पर पानी फिर जाता।

पानी की कमी उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती थी।समय ने तब करवट ली जब वर्ष 2025-26 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित मनरेगा योजना के अंतर्गत मुन्नीबाई टेकाम को खेत तालाब योजना का लाभ मिला। लगभग 1.47 लाख रुपये की लागत से उनके खेत में तालाब का निर्माण हुआ। पहली ही बारिश में तालाब लबालब भर गया और वर्षों पुरानी पानी की समस्या का समाधान हो गया।

खेत तालाब बनने के बाद खेतों में समय पर सिंचाई संभव हुई। जहां पहले केवल एक फसल ही हो पाती थी, वहीं अब फसल की पैदावार और गुणवत्ता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने लगी। मुन्नीबाई और उनके पति ने भिंडी, टमाटर, मिर्च सहित विभिन्न सब्जियों की खेती शुरू की, जिन्हें स्थानीय बाजार में बेचकर नियमित आय प्राप्त होने लगी।यहीं से कहानी ने एक नया मोड़ लिया। तालाब में पानी उपलब्ध होने से उन्होंने मछली पालन भी शुरू किया, जिससे अतिरिक्त आमदनी का नया जरिया मिला। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति सशक्त हुई और रोजगार की समस्या भी काफी हद तक दूर हो गई।

मुन्नीबाई टेकाम भावुक होकर कहती हैं,“मनरेगा के तहत बने खेत तालाब ने हमारे परिवार को आत्मनिर्भर बना दिया है। अब हमें बारिश पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता।”आज उनका खेत तालाब पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन चुका है। यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि सही योजना, सही समय पर सहायता और किसान की मेहनत एक साथ मिल जाए, तो ग्रामीण जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाना पूरी तरह संभव है।

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