Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

MP Weather Update: मध्यप्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, रीवा-सागर में हल्की बारिश; रायसेन में 38°C पहुंचा तापमान  

24 मार्च 2026, भोपाल: MP Weather Update: मध्यप्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, रीवा-सागर में हल्की बारिश; रायसेन में 38°C पहुंचा तापमान – MP Weather Update (23 March 2026): मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के रीवा और सागर संभाग के कुछ जिलों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, जबकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा। आईएमडी भोपाल के मुताबिक, तापमान में मिश्रित बदलाव देखने को मिला है। शहडोल और सागर संभाग में अधिकतम तापमान में 3 से 3.9 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि अन्य संभागों में तापमान में ख़ास परिवर्तन नहीं हुआ।

वहीं, न्यूनतम तापमान में भी कुछ क्षेत्रों में वृद्धि देखी गई है। जबलपुर और शहडोल संभाग के जिलों में रात का तापमान 2.5 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री सेल्सियस रायसेन में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में रिकॉर्ड किया गया।

सबसे गर्म और सबसे ठंडे जिले

पिछले 24 घंटों में प्रदेश के सबसे अधिक तापमान वाले जिलों में रायसेन (38.0°C), नर्मदापुरम (37.4°C), रतलाम (36.4°C), बड़वानी/खरगोन/गुना (36.2°C) और विदिशा शामिल रहे।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

वहीं, न्यूनतम तापमान के आधार पर सबसे ठंडे स्थानों में पचमढ़ी (12.6°C), अमरकंटक (13.4°C), मंदसौर (14.0°C), शाजापुर (14.6°C) और राजगढ़ (15.0°C) दर्ज किए गए।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

मौसम प्रणाली सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार, मध्य पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के मध्य भागों में भी एक अन्य चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है। एक ट्रफ रेखा मध्यप्रदेश से होते हुए विदर्भ और मराठवाड़ा तक फैली हुई है।

इसके अलावा, उत्तर भारत के ऊपर उच्च स्तर पर तेज रफ्तार (लगभग 167 किमी/घंटा) की पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं। 26 और 28 मार्च के आसपास दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकते हैं, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ने की संभावना है।

किसानों के लिए सलाह

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि गेहूं की फसल में दाना भरने की अवस्था के दौरान समय पर सिंचाई करें, ताकि मिट्टी में पर्याप्त नमी बनी रहे। फसलों की नियमित निगरानी करें और कीट या रोग दिखने पर तुरंत नियंत्रण उपाय अपनाएं।

सरसों और अन्य पक चुकी रबी फसलों की समय पर कटाई करें, ताकि दाने झड़ने से नुकसान न हो। जहां सिंचाई सुविधा उपलब्ध है, वहां मूंग और उड़द जैसी ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई जारी रखें। सब्जियों में नियमित सिंचाई और पोषक तत्व प्रबंधन बनाए रखें तथा कीट नियंत्रण पर विशेष ध्यान दें। बागवानी फसलों में फूल और फल बनने की अवस्था में कीट व रोगों की निगरानी जरूरी है। उचित सिंचाई और पोषण प्रबंधन से बेहतर उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकता है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture