Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

कस्टम हायरिंग योजना से प्राप्त सुपर सीडर से नरवाई का प्रबंध हुआ आसान

07 अप्रैल 2025, सिवनी: कस्टम हायरिंग योजना से प्राप्त सुपर सीडर से नरवाई का प्रबंध हुआ आसान – कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के निर्देशन में  जिले में नरवाई में आग जनित दुर्घटना की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। योजना अंतर्गत जिले में संबंधित विभाग द्वारा किसानों से संपर्क कर फसल कटाई उपरांत बची नरवाई के प्रबंधन के विकल्‍पों तथा नई तकनीक से अवगत कराने के साथ ही शासन की योजना अंतर्गत नई तकनीकी के कृषि उपकरण उपलब्‍ध कराये जा रहे हैं।

ऐसे ही हितग्राहियों में सिवनी विकासखंड के ग्राम-परतापुर के कृषक श्री अभिषेक सनोडिया भी है जिन्होंने वर्ष-2024-25 में कस्टम हायरिंग योजना अंतर्गत सुपर सीडर मशीन प्राप्त कर पूर्व फसल की नरवाई जलाए बिना उड़द और मूंग की बोआई सुगम रूप से की है। विगत 27.03.2025 को कृषि अभियांत्रिकी विभाग के सहायक कृषि यंत्री सुश्री शहला नाज कुरैशी एवं उपयंत्री श्री जे.एस.धुर्वे की उपस्थिति में नरवाई युक्त खेत में सुपर सीडर मशीन से मूंग की बोनी कार्य सुगम सुविधाजनक रूप से  संपन्न  हुआ जिससे कृषक श्री सनोडिया अत्‍यंत प्रसन्‍न हैं। 

श्री सनोडिया  ने बताया  कि  पहले परम्परागत रूप से खेती करने पर  गेहूं  फसल की कटाई के बाद खेत में  पड़ी  नरवाई में आग लगाते थे। उसके बाद खेत में कल्टीवेटर व रोटावेटर से खेत की तैयारी की जाती थी। तत्‍पश्‍चात सीड ड्रिल से मूंग व उड़द की बोनी की जाती थी। इस प्रक्रिया में  मिट्टी  में युक्त किसान मित्र सूक्ष्म जीव व जंतू एवं पोषक तत्व नष्ट हो जाते थे एवं समय और लागत भी अधिक लगता था, परन्तु अब कृषि अभियांत्रिकी से कृषक द्वारा नरवाई प्रबंधन से संबंधित उन्नत कृषि यंत्र का लाभ प्राप्त कर खेत में  पड़ी  नरवाई को  जलाए  बिना सीधे सुपर सीडर मशीन से  बोनी  करने पर खेत में  पड़ी  नरवाई खेत की  मिट्टी में विलय होकर खाद के रूप में परिवर्तित हो  जाती  है और खेत की तैयारी में लागत एवं समय की बचत होती है। कृषक श्री सनोडिया  द्वारा अन्‍य  कृषकों  को भी नवीन तकनीक को अपनाकर नरवाई न जलाने की अपील  की गई है ।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com