मध्यप्रदेश में मौसम का बड़ा बदलाव, 48 जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट
08 मई 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में मौसम का बड़ा बदलाव, 48 जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट – मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक मंगलवार सुबह 08:30 बजे के प्रेक्षण पर आधारित मौसम सारांश में मध्य प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पिछले 24 घंटों के दौरान रीवा संभाग के अधिकांश जिलों, शहडोल और सागर संभाग के अनेक स्थानों पर बारिश दर्ज की गई, जबकि भोपाल और ग्वालियर संभाग के कुछ हिस्सों में भी वर्षा हुई। वहीं उज्जैन और जबलपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई, जबकि शेष क्षेत्रों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा।
प्रदेश में कई स्थानों पर आंधी, वज्रपात और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिला। कुछ जिलों में ओलावृष्टि और धूल भरी आंधी की स्थिति भी बनी रही। वहीं तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा।
तापमान का हाल: खरगोन सबसे गर्म, पचमढ़ी सबसे ठंडा
सबसे अधिक अधिकतम तापमान वाले जिले
प्रदेश में सबसे अधिक तापमान खरगोन में 43.0°C दर्ज किया गया। इसके बाद खंडवा (42.1°C), मंडला (41.9°C), नरसिंहपुर (41.0°C) और बैतूल (40.7°C) सबसे गर्म रहे।
सबसे कम न्यूनतम तापमान वाले जिले
सबसे ठंडा क्षेत्र पचमढ़ी (नर्मदापुरम) 16.0°C रहा। इसके बाद दमोह (16.4°C), नौगांव (18.5°C), विदिशा (18.9°C) और मरखेड़ा (19.4°C) दर्ज किए गए।
मौसम प्रणाली (सिनोप्टिक स्थिति)
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में प्रभावी है। साथ ही राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्यप्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय हैं।
प्रदेश के मध्य भागों में भी चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा एक द्रोणिका (ट्रफ) बिहार से लेकर मराठवाड़ा तक फैली हुई है, जिससे प्रदेश में अस्थिर मौसम बना हुआ है। 10 मई 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है।
चेतावनी: कई जिलों में तेज आंधी, वज्रपात और ओलावृष्टि का खतरा
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि प्रदेश के कई जिलों में 40–60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, वज्रपात और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना है। खंडवा, खरगोन, दतिया, सीधी, शहडोल, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी-तूफान की संभावना अधिक है। वहीं, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी संभावना बनी हुई है।
किसानों के लिए विशेष सलाह
मौसम की अस्थिर स्थिति को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है—
– खड़ी फसलों को गिरने से बचाने के लिए सहारा (स्टेकिंग) दें
-कटाई योग्य फसल को जल्द सुरक्षित स्थान पर रखें
-खुले में रखी उपज को ढककर सुरक्षित करें
-वज्रपात के समय खेतों में कार्य न करें
-ओलावृष्टि से बचाव के लिए बागवानी फसलों को जाल/कवर से सुरक्षित करें
-खेतों में जलभराव रोकने के लिए उचित निकासी व्यवस्था रखें
-तेज हवा और बारिश में स्प्रे/उर्वरक का उपयोग न करें
-पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें और पर्याप्त चारा-पानी उपलब्ध कराएं
-मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखें।
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