नकली बीज प्रकरण में एसीबी की बड़ी कार्रवाई : राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक सहित, एक गिरफ्तार, पांच हिरासत में
08 जून 2026, भोपाल: नकली बीज प्रकरण में एसीबी की बड़ी कार्रवाई : राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक सहित, एक गिरफ्तार, पांच हिरासत में – किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चल रही कार्रवाई के बीच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने नकली बीज प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई सहित कई लोगों को हिरासत में लिया है। मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पांच अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई के दौरान अब तक 2 करोड़ 44 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
बस से भेजे जा रहे 85 लाख रुपये जब्त
एसीबी को सूचना मिली थी कि राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई अपने भांजे स्वतंत्र बिश्नोई के माध्यम से बड़ी राशि श्रीगंगानगर भिजवा रहे हैं। सूचना के आधार पर एसीबी टीम ने लूणकरणसर में एक बस को रुकवाकर तलाशी ली। जांच के दौरान स्वतंत्र बिश्नोई के कब्जे से 85 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
निदेशक के घर और अन्य स्थानों पर सर्च
एसीबी की टीम ने जुगल किशोर बिश्नोई के निवास सहित अन्य स्थानों पर भी तलाशी अभियान चलाया। सर्च के दौरान कुल 2 करोड़ 44 लाख रुपये की नकदी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। मामले में राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई, गजराज ब्रांड के मूंगफली बीज से जुड़े कारोबारी किरण कापड़िया, गणपत बिश्नोई, सुनील सेतिया और सतपाल को डिटेन कर पूछताछ की जा रही है।
मूंगफली बीज गोदाम पर हुई थी कार्रवाई
प्रारंभिक जांच के अनुसार 27 मई 2026 को किरण कापड़िया की कंपनी के गजराज ब्रांड मूंगफली बीज गोदाम पर कार्रवाई की गई थी। इस दौरान बीजों के नमूने लिए गए थे और संबंधित बीजों की बिक्री पर रोक लगाई गई थी। गोदाम को भी सील किया गया था तथा बीजों की गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशाला परीक्षण की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
कार्रवाई प्रभावित करने के लिए रिश्वत लेने का आरोप
एसीबी के अनुसार जांच में यह तथ्य सामने आए हैं कि गोदाम पर हुई कार्रवाई को प्रभावित करने, मामले को दबाने और गोदाम में रखे बीजों को वापस गुजरात ले जाने की अनुमति दिलाने के लिए कथित रूप से बड़ी राशि का लेन-देन किया गया। आरोप है कि इस काम के लिए करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये जुगल किशोर बिश्नोई तथा लगभग 60 लाख रुपये गणपत बिश्नोई को दिए गए।
जांच एजेंसी को यह भी जानकारी मिली है कि संबंधित कंपनी से जुड़े लोगों ने बीजों के नमूनों को प्रयोगशाला में पास करवाने, बिक्री पर लगी रोक हटवाने और अन्य प्रशासनिक राहत प्राप्त करने के लिए विभिन्न अधिकारियों और निजी व्यक्तियों से संपर्क करने का प्रयास किया।
किसानों के हितों से जुड़ा मामला
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि यह मामला किसानों को उपलब्ध कराए जाने वाले बीजों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ है। इसी कारण राज्य सरकार द्वारा हाल के दिनों में खराब और संदिग्ध बीजों के गोदामों पर छापेमारी, सीलिंग और सैंपल जांच जैसी कार्रवाई की जा रही है।
जांच जारी
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बताया कि प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है। मामले की निगरानी एसीबी मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों तथा एसीबी के उप महानिरीक्षक, अजमेर के पर्यवेक्षण में की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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