गेहूं खरीदी में पंजाब को पीछे छोड़ मध्यप्रदेश अव्वल; 13.75 लाख किसानों से खरीदी, ₹24 हजार करोड़ का भुगतान
30 मई 2026, इंदौर: गेहूं खरीदी में पंजाब को पीछे छोड़ मध्यप्रदेश अव्वल; 13.75 लाख किसानों से खरीदी, ₹24 हजार करोड़ का भुगतान – मध्यप्रदेश ने इस रबी विपणन वर्ष में समर्थन मूल्य गेहूं खरीदी में नया रिकार्ड बनाया है । प्रदेश सरकार ने 13.75 लाख किसानों से 1 करोड़ 4 लाख 31 हज़ार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है और किसानों के खातों में 24 हज़ार करोड़ से अधिक की राशि पहुंचा दी है। गेहूं उत्पादन में लम्बे समय से अग्रणी रहे पंजाब की तुलना में इस बार किसानों से खरीदी के मामले में मप्र आगे रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वीडियो संदेश जारी कर इसे किसान कल्याण वर्ष की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मप्र ने अपने सभी पुराने रिकार्ड तोड़े हैं और किसानों के हित में सरकार लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि समर्थन मूल्य 2585 रु प्रति क्विंटल के साथ 40 रु बोनस जोड़कर कुल 2625 रु प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की गई।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने 9 अप्रैल से कुछ जिलों में गेहूं खरीदी शुरू की थी , जबकि अधिकांश जिलों में 15 अप्रैल से 28 मई तक उपार्जन चला। इस दौरान स्लॉट बुकिंग को लेकर किसानों को काफी जद्दोज़हद करनी पड़ी। कई केंद्रों पर सर्वर संबंधी दिक्कतें सामने आई , वहीं गुणवत्ता परीक्षण के दौरान एफएक्यू मानकों को लेकर किसानों को परेशानी हुई। बाद में सरकार ने एफएक्यू मानकों में कुछ छूट देकर खरीदी प्रक्रिया को गति दी , जिससे खरीदी केंद्रों पर दबाव कम हुआ।
ग्रामीण क्षेत्रों के व्यापारियों का मानना है कि किसानों के खातों में बड़ी राशि आने से कृषि आदान, उपभोक्ता वस्तुओं, वाहन, निर्माण सामग्री और घरेलू बाजारों में खरीदारी बढ़ सकती है। किसानों का कहना है कि समय पर भुगतान मिलने से आर्थिक दबाव कम हुआ है और खरीफ सीजन की तैयारियां आसान हुई हैं ।
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