राज्य कृषि समाचार (State News)

लो! अब बीजों की भी होम डिलीवरी होगी इस राज्य में

06 मार्च 2025, भोपाल: लो! अब बीजों की भी होम डिलीवरी होगी इस राज्य में – जी हां किसानों के लिए प्रमाणित बीजों की होम डिलीवरी भी की जाएगी। यह सुविधा शुरू हुई है  बिहार राज्य में। हालांकि घरों तक बीजों को पहुंचाने के लिए कुछ अतिरिक्त राशि देनी होगी लेकिन छोटी सी राशि देने के बाद किसान घर पहुंच सेवा का लाभ जरूर ले सकते है। 

कृषि विभाग बिहार द्वारा किसानों के घर तक बीज पहुँचाने के लिए होम डिलीवरी की व्यवस्था भी की गई है। किसान ऑनलाइन आवेदन के समय होम डिलेवरी का विकल्प चयन कर सकते हैं। जिसके बाद किसानों के घर तक बीज पहुँचाए जाएँगे। किसानों को घर पर बीज बुलवाने के लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा। किसान को होम डिलीवरी में बीज आपूर्ति होने पर 5 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से यह शुल्क देना होगा। जायद यानि की गर्मी के सीजन में विभिन्न फसलों की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा उन्नत किस्मों के प्रमाणित  बीज अनुदान पर उपलब्ध कराये जा रहे हैं ताकि फसलों का उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाई जा सके। इस कड़ी में बिहार सरकार द्वारा स्वीट  कॉर्न, बेबी कॉर्न, मूंग, उड़द, मूंगफली, तिल, सूरजमुखी और संकर मक्का के प्रमाणित बीज किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराने के लिए आवेदन मांगे गए हैं।  किसानों को यह बीज राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा-दलहन, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा-तिलहन एवं खाद्य एवं पोषण सुरक्षा- कोर्स सीरियल के तहत उपलब्ध कराए जाएँगे। जिन पर किसानों को योजना के अनुसार अलग-अलग अनुदान दिया जाएगा। विभाग के द्वारा किसानों को बीजों को घर पर उपलब्ध कराने के लिए होम-डिलीवरी की व्यवस्था भी की गई है। कृषि विभाग के DBT पोर्टल, राज्य  बीज निगम के पोर्टल पर प्राप्त ऑनलाइन आवेदन जांच के बाद कृषि समन्वयक द्वारा प्रखंड कृषि पदाधिकारी को भेजे जाएँगे। प्रखंड कृषि समन्वयक द्वारा प्रखंड कृषि पदाधिकारी अपनी अनुशंसा के साथ आवेदन स्वीकृत करने के पश्चात सॉफ्टवेर से किसान को इसकी सूचना पंजीकृत मोबाइल पर भेजेंगे। जिसके बाद संबंधित किसान निर्दिष्ट बीज विक्रेता को अपना डिमांड नंबर बताकर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के बाद अनुदान की राशि घटाकर शेष राशि का भुगतान कर बीज प्राप्त कर सकेंगे।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement