पशुपालकों को पशुओ की नस्ल सुधार, पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाए
कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में पशुपालन एवं डेयरी विकास की समीक्षा बैठक सम्पन्न
24 अक्टूबर 2026, इंदौर:पशुपालकों को पशुओ की नस्ल सुधार, पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाए – कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के.सी. गुप्ता की अध्यक्षता में आज पशुपालन एवं डेयरी विकास तथा संबंधित विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में पशुपालन डेयरी एवं संबंधित विभागों की समीक्षा की गई। साथ ही पशु नस्ल सुधार, दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान, पशु उपचार , टीकाकरण,हरा चारा, कृत्रिम गर्भाधान, किसान कार्ड वितरण, गोबर-गोमूत्र से जैविक खाद बनाना, राष्ट्रीय पशुधन मिशन, दुग्ध संकलन, साईलेज आदि विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री गुप्ता ने निर्देश दिए कि संभाग में पशुपालकों को पशुओं के नस्ल सुधार, पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाये। डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना को प्रोत्साहित किया जाये। पशुपालकों को उन्नत नस्ल के गोवंश के पालन को बढ़ावा देने के लिये विशेष प्रयास किये जाये। बैठक में निर्देश दिये गये कि संभाग में दुग्ध उत्पादन को नौ प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाये एवं इंदौर सहकारी दुग्ध संघ संभाग में दुग्ध संकलन की मात्रा को बढ़ाए। इसके अलावा दुग्ध संघ संभाग के सभी जिलों में दुग्ध द्वारा तैयार सभी उत्पादों की विक्रय हेतु नवीन पार्लरों की स्थापना की जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि संभाग के सभी जिलों में पशुओं के क्रय-विक्रय के लिये पशु मेलों एवं पशु हाट को बढ़ावा दिया जाये।
बैठक में श्री गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भारतीय उन्नत नस्ल के गोवंश को बढ़ावा देने के लिये गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना शुरू की गई। इस योजना से जहां पशुपालक प्रोत्साहित होंगे वहीं किसानों की आय में वृद्धि होगी। इस योजना के तहत वृंदावन गांव के पशुपालकों की गाय को शामिल किया गया है। प्रतियोगिता में श्रेष्ठ दुग्ध उत्पादक गाय के पशुपालक को एक लाख रुपये का प्रथम पुरस्कार, 50 हजार रुपये का द्वितीय पुरस्कार तथा 25 हजार रुपये के तृतीय पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे। यह प्रतियोगिता आगामी गोवर्धन पूजा पर सम्पन्न होगा। बैठक में संभागायुक्त श्री भास्कर लाक्षाकार, इंदौर कलेक्टर श्री शिवम वर्मा तथा जिले के कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के संचालक, संयुक्त संचालक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में श्री गुप्ता ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के तहत पशुपालकों को डेयरी लगाने के लिये ऋण सहायता उपलब्ध कराई जाती है। एक इकाई में एक ही नस्ल के गौ-भैंस वंशीय पशुओं को रखा जाता है। इस योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाये। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 259 लाख गौ-भैंसवशीय उपलब्ध है। जिनमें से केवल 35 प्रतिशत उन्नत नस्ल पशु है। संभाग में सभी पशुओं को हरे चारे के साथ-साथ संतुलित आहार मिले, समय पर टीकाकरण हो यह सुनिश्चित किया जा रहा है। संभाग में हरे चारे की कमी की पूर्ति साइलेज द्वारा की जा रही है। बैठक में मुख्यमंत्री गौसेवा योजना अंतर्गत मनरेगा मद से स्वीकृत गौशालाओं की जानकारी दी गई। साथ ही वी.बी.जी. राम जी योजना हिरण्यगर्भा अभियान, नस्ल सुधार, लखपति गौपालक दीदी योजना पर भी चर्चा हुई।
बैठक में इंदौर सहकारी दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा बताया गया कि दुग्ध संघ की डेयरी संयंत्र संसाधन क्षमता चार लाख लीटर प्रति दिन है। यहां दूध के साथ श्वेत मक्खन, दुग्ध चूर्ण आदि का उत्पादन किया जाता है। दुग्ध संघ की नौ जिलों में 2637 दुग्ध समितियां है। दुग्ध समितियों द्वार दुग्ध संकलन का कार्य किया जा रहा है और हितग्राहियों को समय पर भुगतान किया जा रहा है। भारत सरकार की एनपीडीडी परियोजना के अंतर्गत संकलित दूध की गुणवत्ता को बनाये रखने के लिये 23 नवीन बीएमसी की स्थापना की गई है।
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