राज्य कृषि समाचार (State News)

बालाघाट में 36 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

17 अप्रैल 2026, बालाघाट: बालाघाट में 36 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित –  बालाघाट जिले में किसानों को सुगमता से उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की गई ई-टोकन प्रणाली का पालन न करने पर कृषि विभाग ने जिले में सख्त कार्रवाई करते हुए 36 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।

 उप संचालक कृषि श्री फूल सिंह मालवीय ने जानकारी देते हुए बताया कि ई-टोकन के माध्यम से उर्वरक वितरण अनिवार्य किए जाने के बावजूद संबंधित विक्रेताओं द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था। इस पर विभाग द्वारा जांच उपरांत कार्रवाई करते हुए 26 निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं 10 सेवा सहकारी समितियों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।    

निलंबित किए गए प्रमुख निजी उर्वरक विक्रेताओं में गायत्री ट्रेडर्स (आरम्भा), लिल्हारे ट्रेडर्स (सिवनी कला), साई कृषि सेवा केंद्र (लांजी), गहने कृषि केंद्र (बोनकट्टा, कटंगी), मां शारदा कृषि केंद्र (लांजी), नारायण कृषि केंद्र (बालाघाट), फार्मर फ्यूचर बायोटेक (गर्रा, वारासिवनी), लिल्हारे कृषि केंद्र (सिंगोला), सिहोरे कृषि केंद्र (मुरझड़), परमात्मा एक कृषि केंद्र (खैरलांजी), ओम साईं कृषि केंद्र (लांजी), पांचे कृषि केंद्र (बालाघाट), साईं कृषि केंद्र (किरनापुर), किसान कृषि केंद्र (मुरझड़), सत्यनाम कृषि केंद्र (किरनापुर), रानगिरे कृषि केंद्र (बालाघाट), महावीर कृषि केंद्र (बालाघाट), बहेटवार कृषि केंद्र (किरनापुर), न्यू लिल्हारे कृषि केंद्र (खैरलांजी), प्रतीक ट्रेडर्स (साडरा), मांदरे कृषि केंद्र (बालाघाट), जय श्री राम कृषि सेवा केंद्र (लालबर्रा), गोकुलपुरे कृषि केंद्र (खैरलांजी), खुमेंद्र कृषि केंद्र (बिटोड़ी) एवं चौरागढ़ कृषि केंद्र (वारासिवनी) शामिल हैं।   इसके अतिरिक्त 10 सेवा सहकारी समितियां कंजई, लामता, चांगोटोला, कुम्हारीकला, गजपुर, पुलपुट्टा, टेकाड़ी-नंदोरा, गढ़ी-बैहर, हट्टा एवं बड़गांव पर भी कार्रवाई की गई है।

 उप संचालक कृषि श्री मालवीय  ने बताया कि 01 अप्रैल से जिले में ई-विकास प्रणाली को शत-प्रतिशत लागू कर दिया गया है। इसके तहत किसानों को उर्वरक प्राप्त करने के लिए अब लंबी कतारों में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि उन्हें निर्धारित तिथि एवं समय के अनुसार ई-टोकन के माध्यम से उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा।  उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें, अन्यथा आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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