राज्य कृषि समाचार (State News)

भीकनगांव में राली जलाने पर भूमि स्वामियों के विरुद्ध  वैधानिक कार्रवाई

02 अप्रैल 2026, खरगोनभीकनगांव में राली जलाने पर भूमि स्वामियों के विरुद्ध  वैधानिक कार्रवाई – कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री भव्या मित्तल द्वारा भीकनगांव क्षेत्र के भ्रमण के दौरान खेतों में पराली जलाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान में लिया गया। निरीक्षण के दौरान घटना की पुष्टि होने पर संबंधित भूमि स्वामियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक आदेश के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री मित्तल द्वारा जारी आदेश के अनुसार खेतों में फसल कटाई उपरांत अवशेष (पराली) जलाना Air (Prevention & Control of Pollution) Act, 1981 के तहत पूर्णतः प्रतिबंधित है। यह कृत्य पर्यावरण, जनस्वास्थ्य एवं पशु-पक्षियों के लिए अत्यंत हानिकारक है। आदेश में उल्लेखित प्रमुख दंडात्मक प्रावधान इस प्रकार हैं –  02 एकड़ तक भूमि वाले कृषक द्वारा पराली जलाने पर ₹2500/- का अर्थदंड।  02 से 05 एकड़ तक भूमि वाले कृषक द्वारा पराली जलाने पर ₹5000/- का अर्थदंड।  05 एकड़ से अधिक भूमि वाले कृषक द्वारा पराली जलाने पर ₹15000/- का अर्थदंड।

प्रशासन द्वारा ग्राम बोरुठ में पराली जलाने की पुष्टि होने पर निम्न भूमि स्वामियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है – श्रवण पिता छगन, खसरा नं. 398, रकबा 1.446 हे., सोमा पिता छगन, खसरा नं. 399, रकबा 2.444 हे. ,रितेश पिता कमलचंद, खसरा नं. 93, रकबा 4.553 हे., चेतराम पिता मुकुंद, खसरा नं. 90, रकबा 0.826 हे., सुशीला पति दुलीचंद, खसरा नं. 100, रकबा 0.992 हे.,  सुमनबाई बेवा गणपत एवं अजय पिता गणपत, खसरा नं. 99, रकबा 1.983 हे.।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री मित्तल ने स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही पंचायत स्तर पर सतत निगरानी, कृषि विभाग के माध्यम से जागरूकता अभियान तथा पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर सुश्री मित्तल ने कृषकों से अपील की है कि वे पराली न जलाएं, बल्कि कृषि विभाग द्वारा सुझाए गए पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाएं। नियमों के उल्लंघन पर जिला प्रशासन द्वारा शून्य सहनशीलता नीति के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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