राज्य कृषि समाचार (State News)

जबलपुर जिले में बड़ी मात्रा में नकली डीएपी बनाने में प्रयुक्त सामग्री जब्त

ब्रांडेड कंपनी की खाली बोरियां और तौल काँटा भी बरामद

29 जून 2026, जबलपुरजबलपुर जिले में बड़ी मात्रा में नकली डीएपी बनाने में प्रयुक्त सामग्री जब्त – किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने जबलपुर जिले के कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के निर्देशानुसार जिले में चलाये जा रहे आकस्मिक जांच अभियान में कृषि अधिकारियों को बड़ी सफलता मिली है। कृषि अधिकारियों ने  गत दिनों  विकासखंड पाटन के ग्राम करोंदी में छापामार कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में नकली डीएपी बनाने में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्री और ब्रांडेड कंपनी की खाली बोरियां  जब्त  की हैं ।

 उप संचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे से प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुविभागीय कृषि अधिकारी डॉ इंदिरा त्रिपाठी के नेतृत्व में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पाटन पंकज श्रीवास्तव एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पनागर पंकज शर्मा द्वारा की गई इस कार्रवाई में ग्राम करौंदी में 14 मील स्थित बहादुर सिंह राजपूत के घर से दानेदार सामग्री की 61 भरी और 100 खाली बोरियां तथा पीपीएल कंपनी के डीएपी के 56 खाली बैग बरामद किये गये। उन्होंने बताया कि दानेदार सामग्री का इस्तेमाल नकली डीएपी बनाने में किया जा रहा था। जबकि, खाली बोरियों पर पीपीएल कंपनी का नाम और लोगो स्थानीय स्तर छपवाया गया लग रहा था। उप संचालक कृषि ने बताया कि कार्रवाई के दौरान बहादुर सिंह राजपूत के निवास से तौल काँटा भी पाया गया। इसके अलावा पीपीएल ( पारादीप फास्फेट लिमिटेड की 31 भरी बोरियां भी जप्त की गई हैं। आशंका है कि ये बोरियां नकली डीएपी से भरी गई हैं। बहादुर सिंह राजपूत के निवास पर पायी गई ये सभी सामग्री को पंचनामा बनाकर  जप्त कर लिया गया है।

उप संचालक कृषि के मुताबिक बहादुर सिंह राजपूत के निवास के साथ-साथ कृषि अधिकारियों की टीम ने विष्णु वराह कृषि केंद्र की भी जांच की। इस प्रतिष्ठान के संचालक बहादुर सिंह राजपूत ही हैं। जांच की कार्रवाई के दौरान इस प्रतिष्ठान से इमिडाक्लोप्रिड की 42 बोतलें, हेक्साकोनाजोल की 50 बोतलें, अटेन की 300 बोतलें तथा टीओपोमोज़ीम की 48 बोतलें बरामद की गईं। बिना प्रिंसिपल सर्टिफिकेट के बेचे जा रहे इन कीटनाशकों को भी पंचनामा बनाकर जप्त कर लिया गया है तथा प्रतिष्ठान के कीटनाशक गोदाम को भी सील कर दिया गया है।

उप संचालक कृषि श्री कटहरे ने बताया कि नकली डीएपी बनाने के इस मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के निर्देशानुसार किसानों को असली के नाम पर नकली उर्वरक उपलब्ध कराने वालों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले व्यक्ति के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। श्री कटहरे ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक व कीटनाशक खरीदें  तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें।

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