राज्य कृषि समाचार (State News)

गुजरात में आज से मूंगफली, मूंग, उड़द और सोयाबीन की MSP खरीद के लिए पंजीयन शुरू

11 सितंबर 2026, गांधीनगर: गुजरात में आज से मूंगफली, मूंग, उड़द और सोयाबीन की MSP खरीद के लिए पंजीयन शुरू – गुजरात में भूपेंद्र पटेल सरकार ने खरीफ फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद के लिए आज से किसान पंजीयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मूंगफली, मूंग, उड़द और सोयाबीन उगाने वाले किसान 9 अक्टूबर 2026 तक अपना पंजीयन करा सकते हैं, ताकि उनकी उपज सरकार तय दर पर खरीदी जा सके।

राज्य के कृषि मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने किसानों से समय रहते पंजीयन कराने की अपील की है, जिससे अंतिम समय की भीड़ और तकनीकी दिक्कतों से बचा जा सके। पिछले सीजन में भी पंजीयन में देरी के चलते कई किसानों को असुविधा हुई थी, इसलिए इस बार प्रशासन ने प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी है।

कैसे और कहां कराएं पंजीयन

किसान दो तरीकों से पंजीयन करा सकते हैं। पहला तरीका है खुद ऑनलाइन आवेदन — इसके लिए gjfr.agristack.gov.in पोर्टल पर जाकर या “फार्मर रजिस्ट्री गुजरात” मोबाइल ऐप डाउनलोड करके किसान खुद अपना पंजीयन कर सकते हैं। दूसरा विकल्प है गांव स्तर पर मौजूद VCE, VLE ऑपरेटर, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या ग्राम सेवक से संपर्क करना।

जिन किसानों के पास पहले से फार्मर आईडी है, उनके लिए आधार-आधारित प्रमाणीकरण के जरिए पंजीयन मुफ्त रखा गया है। पंजीयन के बाद जब उपज MSP पर खरीदी जाएगी, तो भुगतान की राशि सीधे किसान के आधार-सीडेड बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाएगी। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और भुगतान में पारदर्शिता बनी रहेगी।

मूंगफली किसानों के लिए सबसे बड़ा मौका

गुजरात देश में मूंगफली उत्पादन के मामले में अग्रणी राज्यों में गिना जाता है, और सौराष्ट्र क्षेत्र के लाखों किसान इसी फसल पर निर्भर हैं। बाजार में मूंगफली के दाम कई बार MSP से नीचे चले जाते हैं, ऐसे में सरकारी खरीद किसानों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बन जाती है। मूंग, उड़द और सोयाबीन के लिए भी यही स्थिति रहती है, जहां मंडी भाव मौसम और आवक के हिसाब से ऊपर-नीचे होते रहते हैं।

पंजीयन प्रक्रिया में इस बार आधार और फार्मर आईडी को जोड़े जाने से यह उम्मीद जताई जा रही है कि फर्जी पंजीयन और एक ही उपज को कई जगह बेचने जैसी शिकायतें कम होंगी। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन किसानों को पंजीयन में दिक्कत आ रही है, वे नजदीकी ग्राम सेवक या तालुका कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

पंजीयन के बाद उपज की खरीद राज्य सरकार की तय की गई खरीद एजेंसियों और नामित केंद्रों के जरिए होगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे उपज बेचने से पहले अपने पंजीयन की स्थिति पोर्टल पर जरूर जांच लें, ताकि खरीद के समय किसी तरह की परेशानी न हो। पिछले सीजन के अनुभवों को देखते हुए इस बार प्रशासन ने गांव स्तर पर शिविर लगाकर भी किसानों की मदद करने की योजना बनाई है, ताकि इंटरनेट या तकनीकी जानकारी की कमी वाले किसान भी समय पर पंजीयन करा सकें।

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