खरीफ 2026: यूपी में किसानों को 50% अनुदान पर मिलेंगे प्रमाणित बीज, 31 मई तक पहुंचाने के निर्देश
20 मई 2026, भोपाल: खरीफ 2026: यूपी में किसानों को 50% अनुदान पर मिलेंगे प्रमाणित बीज, 31 मई तक पहुंचाने के निर्देश – उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन-2026 की तैयारियों को तेज करते हुए किसानों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने सामान्य, प्रदर्शन और मिनीकिट योजना के तहत किसानों को कुल 1 लाख 99 हजार 910 क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित करने का लक्ष्य तय किया है। किसानों को ये बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि कम लागत में बेहतर उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके।
इस संबंध में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने लखनऊ स्थित अपने आवास पर कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को हर हाल में सही समय पर और पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 31 मई तक प्रदेश के सभी विक्रय केंद्रों पर बीज पहुंच जाना चाहिए, जिससे किसानों को बुवाई के समय किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अब तक 75 हजार क्विंटल से अधिक बीज उपलब्ध
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अब तक विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से 75 हजार 429 क्विंटल बीज उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वहीं, प्रदेश के किसानों को अब तक 2 हजार 636 क्विंटल प्रमाणित बीजों का वितरण भी किया जा चुका है।
कृषि मंत्री ने कहा कि खरीफ सीजन में धान, दलहन, तिलहन और मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष रणनीति के तहत बीज वितरण किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वितरण व्यवस्था पारदर्शी और किसान हितैषी होनी चाहिए।
धान के बीज का सबसे बड़ा लक्ष्य
खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों में धान के लिए सबसे बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार ने धान के 80 हजार क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य तय किया है, जिसमें से अब तक 64 हजार 228 क्विंटल बीज उपलब्ध हो चुका है। धान के बीजों का सबसे अधिक वितरण भी हुआ है और अब तक 2 हजार 634 क्विंटल धान बीज किसानों तक पहुंचाया जा चुका है।
इसके अलावा तिलहन और दलहन फसलों पर भी सरकार विशेष जोर दे रही है। मूंगफली के लिए 57 हजार 446 क्विंटल, उड़द के लिए 23 हजार 958 क्विंटल, अरहर के लिए 21 हजार 225 क्विंटल, मूंग के लिए 3 हजार 946 क्विंटल, तिल के लिए 3 हजार 827 क्विंटल और सोयाबीन के लिए 2 हजार 999 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है।
श्री अन्न फसलों को बढ़ावा
प्रदेश सरकार मोटे अनाज यानी श्री अन्न फसलों को बढ़ावा देने पर भी विशेष फोकस कर रही है। इसी के तहत ज्वार, बाजरा, सावा, कोदो, मड्डुआ (रागी), काकुन और कुटकी जैसी फसलों के बीज वितरण का लक्ष्य भी तय किया गया है। बाजरा के लिए 1 हजार 972 क्विंटल और रागी के लिए 1 हजार 500 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का मानना है कि श्री अन्न फसलें कम पानी और कम लागत में बेहतर उत्पादन देती हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
कई संस्थाओं के माध्यम से चल रहा वितरण
प्रदेश में बीज वितरण का कार्य कृषि विभाग के साथ-साथ सहकारिता विभाग, आईएफएफडीसी, एचआईएल और बीबीएसएसएल जैसी संस्थाओं के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। कृषि मंत्री ने कहा कि विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर किसानों तक समय पर बीज पहुंचाना प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि कुल लक्ष्य में से 1 लाख 89 हजार 990 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य अकेले कृषि विभाग के जिम्मे है। विभाग अब तक 74 हजार 204 क्विंटल बीज उपलब्ध कराकर वितरण प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।
किसानों से जल्द आवेदन करने की अपील
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों से अपील की है कि वे अनुदान पर बीज प्राप्त करने के लिए जल्द से जल्द राज्य सरकार के कृषि पोर्टल पर आवेदन करें। उन्होंने कहा कि समय पर आवेदन करने से किसानों को बुवाई के मौसम में आसानी से बीज उपलब्ध हो सकेगा और खेती का कार्य सुचारु रूप से पूरा किया जा सकेगा।
इसके लिए किसान राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टलagriculture.up.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। बैठक में उत्तर प्रदेश बीज निगम के प्रबंध निदेशक टीएम त्रिपाठी तथा अपर निदेशक बीज एवं प्रक्षेत्र अनिल पाठक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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