डिजिटल लेन देन में पाया खरगोन के दुग्ध उत्पादक ने राष्ट्रीय सम्मान

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05 दिसम्बर 2020, खरगोन। डिजिटल लेन देन में पाया खरगोन के दुग्ध उत्पादक ने राष्ट्रीय सम्मान खरगोन जिला न सिर्फ कृषि और उद्यानिकी फसलों के उत्पादन के लिए अपनी पहचान रखता बल्कि अब दुग्ध उत्पादन और डिजिटल लेन-देन में भी पीछे नही रहा है। शनिवार को गुजरात के आंणद में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड ने डिजिटल अवार्ड का वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे किसानों को प्रोत्साहित किया गया, जो डिजिटल लेन-देन प्रक्रिया में आगे आए है। सहकारी दुग्ध संघ के क्षेत्रीय प्रबंधक आलोक पांडेय ने बताया कि पूरे देश के 30 किसानों को पुरस्कृत किया गया, जिसमें मप्र के 2 किसान है, उसमें से एक किसान जिले की कसरावद तहसील ग्राम माकड़खेड़ा का है। जिले के लिए गौरव का विषय है कि देश दुग्ध उत्पादन में प्रथम स्थान पर है। इसमें जिले का भी बड़ा योगदान है। दुग्ध क्रांति के जनक डॉ. वर्गीज कुरियन के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित हुए राष्ट्रीय कार्यक्रम में मंडलेश्वर के भुवानीराम वर्मा को सम्मानित किया गया है।

25 लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन कर रहे है भुवानीराम

ग्राम माकड़खेड़ा के भुवानीराम वर्मा लघु किसान है, जो पिछले 20 वर्षों से लागातार सहकारी डेयरी मंडलेश्वर के सक्रिय सदस्य है। सिर्फ 2.25 बीघा जमीन से अपनी रोजी-रोटी चलाने वाले किसान ने दुग्ध व्यवसाय को भी अपनाया है। भुवानीराम प्रतिदिन 25 लीटर दूध का उत्पादन भले ही करते हो, लेकिन जब से भारत शासन ने डिजिटल लेन देन शुरू किया। तब से वे निरंतर इसको बढ़ावा देते रहे है और डेयरी से तो डिजिटल भुगतान होता ही है। साथ ही बंदी वाले उपभोक्ताओं से भी मासिक भुगतान डिजिटल रूप में ही करना पसंद करते है। डेयरी से और बंदी से प्राप्त होने वाली राशि को बैंक में जमा करने से उनकी जमा पूंजी से बैंक अब आगे ऋण देने को तैयार है।

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