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राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान के किसानों की बंजर भूमि पर सौर ऊर्जा संयत्र  स्थापना में मदद करेगा पोर्टल

ऊर्जा मंत्री ने सौर कृषि आजीविका योजना पोर्टल किया लांच

29 अक्टूबर 2022, जयपुर । राजस्थान के किसानों  की बंजर  भूमि पर सौर ऊर्जा संयत्र  स्थापना  में मदद करेगा पोर्टल – ऊर्जा मंत्री श्री भंवर सिंह भाटी ने सोमवार को विद्युत भवन में सौर कृषि आजीविका योजना के पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल किसानों एवं विकासकर्ताओं को किसानों की बंजर/अनुपयोगी भूमि पर सौर ऊर्जा संयत्रों की स्थापना में मदद करेगा।

इस अवसर पर श्री भंवर सिंह भाटी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य रूप से कृषि भार वाले लोड सेन्टर पर पीएम-कुसुम कम्पोनेन्ट- सी (फीडर लेवल सोलराईजेषन) के तहत् विकसित किये जा रहे विकेन्द्रिकृत सौर ऊर्जा संयंत्रों को बढावा देने के उद्वेष्य के लिए राज्य सरकार ने सौर कृषि आजीविका योजना तैयार की है। उन्होंने बताया कि इस योजना के पोर्टल को लांच करने का उद्वेष्य यह है कि किसानों को सोलर के माध्यम से अपने नजदीक के 33/11 जीएसएस से दिन में बिजली प्राप्त हो सके। इसके साथ ही इस योजना के माध्यम से किसानों व भूमि मालिकों को सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिए पूर्व निर्धारित राषि के आधार पर अपनी  बंजर/अनुपयोगी भूमि को लीज पर देने का अवसर देकर राज्य के प्रचुर भूमि संसाधनों का उपयोग करना है।

उन्होने बताया कि सोलर प्लांट की स्थापना के बाद 33/11 केवी जीएसएस के आस-पास के जितने भी कृषि उपभोक्ता है। उन सबको सौलर के माध्यम से दिन के समय अच्छी गुणवत्ता की बिजली मिलेगी और उनकी बिजली की समस्या का समाधान होगा। उन्होने बताया कि भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा कुसुम कम्पोनेन्ट सी (फीडर लेवल सोलराईजेषन) के तहत् इस योजना में केन्द्रिय वित्तीय सहायता का भी प्रावधान है।

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ऊर्जा मंत्री श्री भाटी ने बताया कि www.skayrajasthan.org.in पोर्टल किसान एवं विकासकर्ता की सुविधा के लिए बनाया गया है जिस पर इच्छुक किसान व भूमि मालिक अपनी बंजर और अनुपयोगी भूमि को लीज पर देने के लिए पंजीकृत कर सकेंगें और विकासकर्ता किसानों द्वारा पोर्टल पर डाला गया भूमि का विवरण देख सकेगें, जिससे राजस्थान डिस्कॉम के 33/11 केवी सब-स्टेषन के आस-पास के क्षेत्र में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने में सुविधा मिलेगी।

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उन्होने बताया कि इस पोर्टल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पोर्टल पर किसान द्वारा अपनी भूमि का पंजीकरण करने के पश्चात् विकासकर्ता देख पायेगा की कितनी भूमि सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिए काष्तकार ने पोर्टल पर पंजीकृत की है। सभी सूचनाऐं पोर्टल पर मिलने से सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना को बढावा मिलेगा।

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