खंडवा: कृषि नमामि आजीविका एफपीओ से सशक्त हो रहीं ग्रामीण महिलाएं, औषधीय फसलों की खेती से बन रहीं आत्मनिर्भर
16 अक्टूबर 2026, खंडवा: खंडवा: कृषि नमामि आजीविका एफपीओ से सशक्त हो रहीं ग्रामीण महिलाएं, औषधीय फसलों की खेती से बन रहीं आत्मनिर्भर – मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के विकासखंड पंधाना के ग्राम जलकुआं में कृषिनमामि आजीविका फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही है। यहाँ की महिलाएँ पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर औषधीय एवं व्यावसायिक फसलों की खेती से आय के नए अवसर विकसित कर रही हैं। कंपनी से जुड़ी महिलाएँ अश्वगंधा, शतावरी, सफेद मूसली, तुलसी, कुसुम, कौंच बीज एवं मोरिंगा सहित विभिन्न औषधीय फसलों की खेती तथा नीम बीज और बहेड़ा जैसी वन उपज के संग्रहण का कार्य कर रही हैं। कंपनी की एक विशेष पहचान समूह आधारित सिंदूर की खेती है, जो इसे अन्य एफपीओ से अलग बनाती है।
महिला नेतृत्व में आगे बढ़ रहा सामूहिक उद्यम
कंपनी की संचालक श्रीमती कला बामने, श्रीमती सुनीता पवार, श्रीमती पुष्पा कोंगे, श्रीमती पूजा पटेल एवं श्रीमती कल्पना कोचले के नेतृत्व में महिलाओं को सामूहिक कृषि व्यवसाय से जोड़ा जा रहा है। कंपनी के सीईओ सुनील पंडोले के मार्गदर्शन में उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन की गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।
लखपति दीदी बनने की ओर अग्रसर
यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने तथा लखपति दीदी बनने की दिशा में प्रेरित कर रही है। सामूहिक खेती और वन उपज संग्रहण से महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है और वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। कृषिनमामि के समस्त संचालक मंडल, सीईओ सुनील पंडोले एवं सभी सदस्य महिलाओं ने औषधीय पौधों के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं संग्रहण को प्रोत्साहित करने हेतु बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज परियोजना प्रारंभ करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया है।
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