Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

फसल में पीलापन, धब्बे या मुरझाने की समस्या? क्रॉप डॉक्टर ऐप से लें जरूरी जानकारी  

20 अक्टूबर 2026, रायपुर: फसल में पीलापन, धब्बे या मुरझाने की समस्या? क्रॉप डॉक्टर ऐप से लें जरूरी जानकारी – छत्तीसगढ़ में किसानों की फसलों को कीट एवं रोगों से होने वाले नुकसान से बचाने और कृषि उत्पादन की गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से फसल स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के निर्देशों के अनुरूप किसानों को फसलों में कीट एवं रोगों की समय पर पहचान करने, वैज्ञानिक तरीके से उनका निदान कराने तथा उचित नियंत्रण उपाय अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस दिशा में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी), रायपुर द्वारा उपलब्ध डिजिटल सुविधाओं, कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों और क्षेत्रीय कृषि परामर्श सेवाओं का लाभ लेने की सलाह दी गई है।

फसलों में कीट एवं रोगों का प्रकोप किसानों के लिए चुनौती बन सकता है। समय पर समस्या की पहचान नहीं होने अथवा बिना उचित जानकारी के कृषि रसायनों का छिड़काव करने से फसल को नुकसान पहुंचने के साथ उत्पादन लागत भी बढ़ सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल में असामान्य लक्षण दिखाई देने पर पहले समस्या का वैज्ञानिक निदान कराएं और उसके बाद ही उपयुक्त नियंत्रण उपाय अपनाएं।

क्रॉप डॉक्टर ऐप से मिलेगी फसल समस्याओं की जानकारी

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का क्रॉप डॉक्टर (Crop Doctor) ऐप फसलों में दिखाई देने वाले लक्षणों के आधार पर कीट एवं रोग संबंधी समस्याओं को समझने तथा उनके प्रबंधन की जानकारी प्राप्त करने का उपयोगी डिजिटल माध्यम है। पत्तियों का पीला पड़ना, धब्बे आना, पौधों का मुरझाना, तनों एवं जड़ों को नुकसान पहुंचना अथवा कीटों का प्रकोप जैसे लक्षणों के संबंध में किसान इस ऐप के माध्यम से उपलब्ध जानकारी का लाभ ले सकते हैं।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

ऐप से प्राप्त जानकारी संभावित समस्या को समझने में सहायक हो सकती है। हालांकि, गंभीर अथवा अस्पष्ट मामलों में कृषि वैज्ञानिकों से परामर्श लेकर समस्या की पुष्टि कराना जरूरी है। किसान ऐप का उपयोग करने के लिए इस लिंक पर जा सकते हैंः https://play.google.com/store/apps/detailsid.igkv.igkvcropdoctor

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

मोबाइल संदेशों से क्षेत्रीय कृषि परामर्श पर जोर

फसल की अवस्था, मौसम और क्षेत्र विशेष में कीट एवं रोगों के संभावित प्रकोप को ध्यान में रखते हुए समय पर कृषि परामर्श प्राप्त करना फसल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से संबंधित परामर्श सेवाओं के माध्यम से किसानों तक मोबाइल संदेशों द्वारा कृषि संबंधी जानकारी पहुंचाई जाती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने क्षेत्र के लिए जारी आधिकारिक कृषि परामर्श पर ध्यान दें और उसी के अनुरूप फसल प्रबंधन करें।

कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों से लें सलाह

फसल में असामान्य लक्षण दिखाई देने, कीट अथवा रोग की पहचान स्पष्ट नहीं होने या सामान्य उपायों से लाभ नहीं मिलने पर किसान अपने जिले के कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों से संपर्क कर सकते हैं। परामर्श के लिए किसान फसल का नाम, किस्म, वर्तमान अवस्था, प्रभावित पौधों एवं पत्तियों की स्पष्ट तस्वीरें, नुकसान का स्वरूप तथा हाल में उपयोग किए गए उर्वरकों और कृषि रसायनों की जानकारी उपलब्ध कराएं। इससे वैज्ञानिकों को समस्या के संभावित कारणों का आकलन करने और उपयुक्त प्रबंधन संबंधी मार्गदर्शन देने में सहायता मिलेगी। आवश्यकता पड़ने पर नमूनों की जांच अथवा खेत का निरीक्षण भी कराया जा सकता है।

सही पहचान के बाद ही करें कृषि रसायनों का उपयोग

किसानों से अपील की गई है कि वे बिना सही पहचान के किसी भी कीटनाशक अथवा अन्य कृषि रसायन का छिड़काव न करें। कृषि रसायनों का चयन फसल और लक्षित कीट या रोग के अनुरूप करें तथा उत्पाद के लेबल पर दिए गए निर्धारित मात्रा, प्रतीक्षा अवधि, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों और अन्य निर्देशों का पालन करें।

समय पर समस्या की पहचान, वैज्ञानिक निदान और उचित नियंत्रण उपाय अपनाने से फसल क्षति कम करने, कृषि लागत का बेहतर प्रबंधन करने तथा उत्पादन की गुणवत्ता सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध तकनीकी मार्गदर्शन का लाभ लेकर अपनी फसलों की नियमित निगरानी करें और फसल स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

प्रकाशन संबंधी नोट: समाचार में मंत्री श्री रामविचार नेताम के निर्देशों के अनुरूप पहल का उल्लेख आपके निर्देश के आधार पर किया गया है। इसे आधिकारिक रूप से जारी करने से पहले मंत्री के निर्देशों तथा मोबाइल संदेश सेवा के वर्तमान संचालन की पुष्टि कर लें। साथ ही, ऊपर की तारीख 18 अक्टूबर 2026 आज की तारीख के अनुसार रखी गई है; यदि समाचार किसी अन्य दिन जारी होना है, तो प्रकाशन की वास्तविक तारीख बदल दें।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture