राज्य कृषि समाचार (State News)पशुपालन (Animal Husbandry)

रायसेन में कृषि एवं सम्बद्ध विभागों की संयुक्त समीक्षा संपन्न

11 फ़रवरी 2025, रायसेन: रायसेन में कृषि एवं सम्बद्ध विभागों की संयुक्त समीक्षा संपन्न – कलेक्टर श्री अरुण विश्वकर्मा ने गत दिनों  कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग और सहकारिता विभाग की संयुक्त समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने कार्ययोजना बनाकर काम किया जाए, जिससे कि किसानों की आमदनी में वृद्धि हो। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों को उन्नत और नवीन कृषि तकनीक से खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उद्यानिकी और नकदी फसलों की उन्नत खेती की जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाए।

कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने बैठक के प्रारंभ में कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में खरीफ और रबी फसलों के रकबे, सिंचित रकबा, सिंचाई के साधन, केसीसी कार्ड धारक किसानों की संख्या, मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं की संख्या सहित अन्य कृषि योजनाओं तथा गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रगतिशील किसानों के खेतों का अन्य किसानों को भ्रमण कराया जाए। इसके अलावा किसानों को पशुपालन और मत्स्य पालन हेतु प्रेरित किया जाए। इसके किसानों की आमदानी बढ़ेगी। कलेक्टर ने किसान हितैषी योजनाओं के लक्ष्य और पूर्ति की जानकारी लेते हुए सौ फीसदी लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश दिए। उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने जिले में उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाने, उद्यानिकी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए।

मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाए – मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने जिले उपलब्ध जल संसाधनों तथा उनमें मत्स्य पालन की जानकारी ली। बैठक में बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सभी 395 तालाबों तथा जलाशयों में मत्स्य पालन किया जा रहा है, जिनका जलक्षेत्र 958.90 हैक्टेयर है। इनके अतिरिक्त सिंचाई जलाशयों की संख्या 56 है तथा रकबा 2569.40 हैक्टेयर है। इनमें से 55 जलाशयों में मत्स्य पालन हो रहा है। जिले में मत्स्य उत्पादन लक्ष्य के बारे में बताया गया कि निर्धारित लक्ष्य 9270 मेट्रिक टन के विरूद्ध उपलब्धि 8156.458 मेट्रिक टन है। जिले में 89 पंजीकृत समितियां हैं जिनमें सदस्यों की संख्या 2430 है। केसीसी कार्ड धारक मत्स्य पालकों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए गए कि जिन बैंकों में केसीसी प्रकरण लंबित हैं, उनसे संवाद कर प्रकरण स्वीकृत कराए जाएं।

गौशालाओं के संचालन में गंभीरता से करें काम- कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में पशुओं की संख्या, दुग्ध उत्पादन की मात्रा, पशु टीकाकरण अभियान की प्रगति, राष्ट्रीय पशुधन मिशन, चलित पशु चिकित्सा इकाई का संचालन, आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना तथा गौशालाओं की संख्या और उनके संचालन की विस्तृत जानकारी ली। कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना की समीक्षा करते हुए लक्ष्य प्राप्ति के लिए विशेष रूचि लेकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने निराश्रित गोवंश के संरक्षण और गौशालाओं के संचालन में गंभीरता दिखाने के भी निर्देश देते हुए कहा कि पशु चिकित्सा अधिकारी नियमित रूप से गौशालाओं का निरीक्षण करें। निराश्रित गौवंश को गौ शालाओं में भेजने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में जनपद सीईओ और नगरीय क्षेत्रों में सीएमओ के सहयोग से निराश्रित गौवंश को गौशालाओं में पहुंचा जाए। जहां हरा चारा, पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण सहित आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित हों।इसी प्रकार पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान की जानकारी लेते हुए निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध प्रगति बेहद कम होने पर नाराजगी व्यक्त कर कलेक्टर ने कहा कि न्यूनतम एक लाख से अधिक पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान कराया जाए, इसके लिए पशुपालकों को प्रेरित करें। उन्होंने जिले में संचालित डेयरियों की जानकारी लेते हुए कहा कि स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को दुधारू पशु प्रदाय योजना का लाभ दिया जाए। उन्होंने जिले में दुग्ध सहकारी समितियों की जानकारी लेते हुए संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।

Advertisement
Advertisement

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने बैंक का कृषि ऋण व अकृषि ऋण वितरण, ऋण वसूली, समिति स्तर पर ऋण वसूली और एनपीए राशि की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि वसूली में तेजी लाई जाए। बड़े बकायादारों की सूची बनाकर अवगत कराएं और उनके ऋण वसूली की कार्रवाई करें। उन्होंने सहकारिता विभाग की भी समीक्षा की। बैठक में सभी संबंधित विभागों के जिला अधिकारी और विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement