राज्य कृषि समाचार (State News)

पांढुर्ना में जायद मूंगफली खरीदी का मामला

किसान की जागरूकता रंग लाई, व्यापारी ने अनुचित कटौती की राशि लौटाई

06 जुलाई 2026, इंदौरपांढुर्ना में जायद मूंगफली खरीदी का मामला – किसान यदि जागरूक हों, तो वे अपने साथ हो रहे आर्थिक शोषण का दृढ़ता से विरोध कर अपनी हक़ की कमाई को वापस भी ले सकते हैं । इसे साबित किया है पांढुर्ना के किसान श्री मंसाराम झोट्या खोड़े ने। पांढुर्ना के जायद मूंगफली खरीदी के इस मामले में फर्म मेसर्स नरेंद्र ट्रेडर्स , पांढुर्ना द्वारा मनमाने तरीके से नाप तौल और हम्माली की अधिक राशि काट ली गई थी ,जिसका किसान द्वारा विरोध किया गया और इसकी शिकायत सचिव , कृषि उपज मंडी ,पांढुर्ना को की गई। इस मामले में मंडी प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई कर संबंधित व्यापारी को अनियमितताओं के संबंध में सूचना पत्र जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया । अंततः मेसर्स नरेंद्र ट्रेडर्स द्वारा प्रस्तुत माफीनामे में अपनी त्रुटि स्वीकारते हुए मूंगफली फसल की अनुचित कटौती की गई राशि करीब 5500 रु मंडी कार्यालय में जमा कराई गई , जिसे मंडी सचिव द्वारा शिकायतकर्ता को लौटा दी गई।

किसान श्री मंसाराम झोट्या खोड़े ने कृषक जगत को बताया कि धावड़ीखापा के अपने खेत में जायद में मूंगफली की फसल ली थी , जिसे सुखाने के बाद  मेसर्स नरेंद्र ट्रेडर्स , पांढुर्ना  की  दुकान पर 7300 रु / क्विंटल की दर से  बेचा था।  तौल में प्रति बोरे का वजन 33  किलो 600 -650 ग्राम  निकला । खाली बोरे का वजन 800  ग्राम ही था , फिर भी प्रति बोरे एक किलो मूंगफली की कटौती की गई अर्थात 200  ग्राम ज़्यादा कटौती की गई।  इसके अलावा  प्रति बोरा 200 ग्राम  मूंगफली ऊपर से ज्यादा  ली गई।  इसी तरह मूंगफली में नमी बताकर प्रति बोरे 1 किलो की कटौती की गई।  प्लास्टिक के बोरों में भरकर ले गई मूंगफली को व्यापारी के बोरों में पलटाया गया , जिसमें 400  ग्राम प्रति बोरे की भी कटौती की गई। इस  प्रकार  प्रति बोरा कुल 1 किलो 800  ग्राम मूंगफली की कटौती की गई ।  इसी तरह हम्माली की राशि भी प्रति बोरा 16 रु 63  पैसे ली गई।  किसान की कुल 12  क्विंटल 22  किलो तौली गई मूंगफली में 38 किलो की कटौती की गई। घर जाकर गणना करने पर पाया कि एक बोरे पर 1  किलो 800  ग्राम और हम्माली का जोड़ने पर करीब 5500 रु का नुकसान हुआ।  जिसकी पहले मौखिक और फिर लिखित शिकायत पांढुर्ना के मंडी सचिव श्री सूरज उइके को की गई। उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए फर्म मेसर्स नरेंद्र ट्रेडर्स के प्रोपाइटर  श्री नरेंद्र कवड़े को  कृषक को अंतर राशि का भुगतान करने तथा मंडी शुल्क और शास्ति वसूली ( कुल 7580  रु ) का सूचना पत्र जारी किया गया। जिसके जवाब में श्री नरेंद्र कवड़े ने किसान की शिकायत को सही बताते हुए अपने माफीनामे में अपनी त्रुटि को स्वीकारा और कुल देय राशि में से काटी गई 5500  रु की राशि मंडी कार्यालय में जमा की गई। जिसे बाद में मंडी सचिव श्री उइके द्वारा शिकायतकर्ता को लौटा दी गई।  इस मामले में मंडी सचिव श्री उइके के अलावा उप निरीक्षक श्री सुरेंद्र इडपाचे , श्री प्रवीण पेंड्राम, श्री आलोक नागरंशी और श्री दिलीप ठावरे का सराहनीय योगदान रहा।

पांढुर्ना के मंडी सचिव श्री सूरज उइके ने कृषक जगत को बताया कि मंडी एवं मंडी प्रांगण के बाहर उपज  बिक्री की जिम्मेदारी  मंडी की है। पहले सौदा पत्रक मैन्युअली तैयार होते थे , ऐसे में किसान द्वारा व्यापारी को  मंडी प्रांगण के बाहर अपनी उपज बेचने पर मंडी को कर अपवंचन की आशंका रहती थी , लेकिन अब खरीदी को डिजिटल कर दिया गया है। फार्म एप में  पंजीयन होने के बाद  किसान और व्यापारी के बीच उपज का सौदा होता है। किसान की सहमति होने पर रजिस्टर्ड  सौदा पत्रक में पहला ओटीपी किसान को आता है और फिर दूसरा ओटीपी भुगतान के समय आता है। इससे मंडी को भी कर अपवंचन नहीं होता है। किसान श्री मंसाराम खोड़े को अपनी जागरूकता के कारण 5500  रु का फायदा हुआ।  अन्य किसानों को भी इनकी तरह जागरूक होना पड़ेगा। श्री खोड़े  के मामले में मूंगफली के खरीदार व्यापारी नरेंद्र ट्रेडर्स से  मंडी शुल्क और शास्ति के रूप में 7580  रु की वसूली की गई है।

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