राज्य कृषि समाचार (State News)

दमोह जिले में किया फसलों का निरीक्षण, किसानों को दी सलाह

14 अक्टूबर 2024, दमोह: दमोह जिले में किया फसलों का निरीक्षण, किसानों को दी सलाह – कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर द्वारा दिये गये निर्देशों के तहत कृषि विभाग, कृषि वैज्ञानिक एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा पटेरा विकासखंड के ग्राम कुम्हारी, धनगुवां, मुहास, देवरी रतन, मजगुवां मौजा में कृषकों के खेत में जाकर  फसलों का निरीक्षण किया । संयुक्त टीम में तहसीलदार शैलेन्द्र बिहारी शर्मा, उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र सिंह राजपूत, कृषि वैज्ञानिक डॉ मनोज अहिरवार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री डी.के. साहू, पटवारी, कृषि विस्तार अधिकारी श्री बी.एस. आजवानी, श्री राजीव खोसला ,जनप्रतिनिधि, किसान संघ तथा समस्त ग्रामों के कृषक उपस्थित  थे ।

इस दौरान पौधे के भूरे हॉपर का प्रबंधन हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र दमोह के वैज्ञानिक एवं कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा कृषकों को समसामयिक सलाह  देते हुए  कहा  कि यदि संक्रमण ईटीएल से कम हैं तो 5 लीटर नीम बीज कर्नेल अर्क (एनएसकेई) या अज़ादिराच्टिन 1500 पीपीएम युक्त वाणिज्यिक नीम फॉर्मूलेशन @2.5 एमयू लीटर पानी या मेटारिज़ियम एनीसोप्लिए 1.15 प्रतिशत डब्ल्यूपी के साथ 1 x 108 सीएफयू/ग्राम (1 किलोग्राम/एकड़) @ 2-5 गिलास की दर से पौधों के आधार पर छिड़काव किया जा सकता है।

Advertisement
Advertisement

यदि कीट ईटीएल तक पहुंच गया है, तो CIBRC द्वारा अनुशंसित कीटनाशकों में से किसी एक का उपयोग किया जाना चाहिए। इसमें एथिप्रोल 40% + इमिडाक्लोप्रिड 40% WG @ 93.75 ग्राम/हेक्टेयर या क्लोथियानिडिन 50 WDG @ 20-24 a.i/हेक्टेयर या डाइनोटेफ्यूरान 20% SG @ 150-200 ग्राम/हेक्टेयर या एथोफेनप्रोक्स 10% EC @ 500 ग्राम/हेक्टेयर या फ्लोनिकैमिड 50% WG @ 150 ग्राम/हेक्टेयर या पाइमेट्रोज़िन 50% WG @ 300 ग्राम/हेक्टेयर या थियामेथोक्सम 25 WG @ 100 ग्राम/हेक्टेयर या ट्राइफ्लुमेज़ोपायरिम 10% SC @ 250 ग्राम/हेक्टेयर की दर से उपरोक्त सूचीबद्ध कीटनाशकों में से किसी एक को इस्तेमाल किया जा सकता है और ज़रूरत के आधार पर इस्तेमाल किया जा सकता है।  पत्तियों पर छिड़काव फसल के आधार की ओर किया जाना चाहिए और ज़रूरत के आधार पर इसे 7-10 दिनों के बाद फिर से दोहराया जाना चाहिए। प्रति हेक्टेयर क्षेत्र में छिड़काव हेतु पानी की  मात्रा हाथ से स्प्रे करने वाले नेपसेक स्प्रेयर के लिए 500 लीटर/हेक्टेयर और पावर स्प्रेयर के लिए पानी की मात्रा 200 लीटर/हेक्टेयर उपयोग करना चाहिए।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement8
Advertisement

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

Advertisement8
Advertisement

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement5
Advertisement