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राज्य कृषि समाचार (State News)

बेड़िया के दीपांशु की कल पीएम मोदी से चर्चा, बताएंगे ऊर्जा योजना की हक़ीकत  

29 जुलाई 2022, इंदौर: बेड़िया के दीपांशु की कल पीएम मोदी से चर्चा, बताएंगे ऊर्जा योजना की हक़ीकत – खरगोन जिले का ग्राम बेड़िया एशिया की सबसे बड़ी मिर्च मंडी के लिए विख्यात है। यहाँ देश विदेश के लिए मिर्च की खरीदी की जाती है।बेड़िया मंडी में वर्ष भर मिर्च संबंधी कारोबार चलता रहता है। मिर्च को मंडी तक लाने से पहले फसल के लिए सिंचाई और अन्य कार्यों के लिए बिजली की ज़रूरत रहती है। ग्रामीण क्षेत्र में ऊर्जा की उपलब्धता और ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं से लाभान्वित लोगों से शनिवार 30 जुलाई को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेंस से चर्चा करेंगे। जिसमें खरगोन जिले के बेड़िया गांव के युवा उद्यमी मिर्च मसाला लघु उद्योग चलाने वाले श्री दीपांशु पटेल भी शामिल है।

बेड़िया के दीपांशु की कल पीएम मोदी से चर्चा, बताएंगे ऊर्जा योजना की हक़ीकत  

श्री दीपांशु पटेल ने कृषक जगत को बताया कि वे मिर्च की खेती नहीं करते हैं, लेकिन बेड़िया की मिर्च मंडी से अच्छी किस्म की मिर्च को पसंद कर फिर खरीदने के बाद उसकी सफाई की जाती है , फिर लघु उद्योग में स्थापित मिर्च की मशीन से पिसाई करके मिर्च पाउडर को सीबीएम ब्रांड के नाम से पैक कर बेचा जाता है। बीबीए कर चुके श्री पटेल ने बताया कि नवाचार के तहत दो साल पहले ही यह लघु उद्योग शुरू किया था, लेकिन लॉक डाउन के कारण कार्य प्रभावित हुआ। लेकिन अब गति पकड़ रहा है। फ़िलहाल 40 -50 क्विंटल मिर्च पाउडर प्रति माह बेचा जा रहा है। आमदनी भी ठीक हो रही है। मेरा लघु उद्योग बिजली पर निर्भर है। फीडर सेपरेशन के बाद गांव में बिजली पर्याप्त वोल्टेज के साथ ही 24 घंटे मिलने से मिर्च का यह लघु उद्योग चलाने में कोई परेशानी नहीं हो रही है।

उल्लेखनीय है कि खरगोन जिले में  मिर्च का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है। बेड़िया की मिर्च मंडी में किसान अपनी मिर्च की फसल को बेचने आते हैं। लेकिन इसके पूर्व मिर्च के पौधे की देखभाल, कीटों से बचाव, खाद, पानी देने के लिए समय पर बिजली की जरूरत होती है। खरगोन जिले में किसानों को राज्य शासन के मुताबिक प्रतिदिन दस घंटे बिजली दी जा रही है। नौ से दस माह की मिर्च की फसल के लिए लगभग 50 बार सिंचाई करना पड़ती है। इस क्षेत्र की खड़ी लाल सुर्ख मिर्च 50 से लेकर 175 रूपए किलो तक बिकती है। मिर्च की फसल क्षेत्र के किसानों को आर्थिक मज़बूती प्रदान करती है।

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महत्वपूर्ण खबर: सिंचाई उपकरण हेतु 27 जुलाई से 4 अगस्त तक आवेदन पत्र आमंत्रित

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