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राज्य कृषि समाचार (State News)

भारतीय सोयाबीन अनुसन्धान संस्थान ने पहली बार लाइव वर्चुअल फील्ड प्रदर्शन किया

27 सितम्बर 2021, इंदौर।  भारतीय सोयाबीन अनुसन्धान संस्थान ने पहली बार लाइव वर्चुअल फील्ड प्रदर्शन किया – अमृत महोत्सव  के अंतर्गत भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (आई,सी.ए.आर.-आई.आई.एस.आर.)इंदौर  द्वारा देश में पहली बार अपने यू ट्यूब चैनल  एवं ‘फेसबुक पेज’ के माध्यम से संस्थान द्वारा अनुसन्धान प्रक्षेत्र का लाइव प्रदर्शन किया गया ।  इस कार्यक्रम में खरीफ मौसम के दौरान “नवीनतम  सोयाबीन प्रजातियाँ एवं उत्पादन तकनीकी ” पर कृषकों के अवलोकनार्थ लगाए  गए प्रदर्शन प्लाट का देश में पहली  बार लाइव प्रसारण किया गया। जिसकी सोयाबीन किसानों ने सराहना की है।

संस्थान की कार्यवाहक निदेशक डॉ. नीता खांडेकर ने कृषकों को कहा कि इस लाइव वर्चुअल विजिट से कम समय में अधिक से अधिक किसानों तक संस्थान द्वारा विकसित नवीनतम सोयाबीन की किस्मों एवं अन्य तकनीक  को सीधे वास्तविक उपयोगकर्ता के पास ले जाने में सुविधा होगी। संस्थान द्वारा इस वर्ष जारी की गई नवीन किस्मों की जानकारी को मध्य प्रदेश के अधिक से अधिक कृषकों में प्रसार हेतु संस्थान द्वारा एक रणनीति बनाई जा रही है ,जिससे अधिक उत्पादन क्षमता एवं कीट/रोग रोधी विशेष रूप से पीले मोज़ेक वायरस की प्रतिरोधी किस्मों को अगले वर्ष तक भारतीय सोयाबीन अनुसन्धान संस्थान द्वारा कृषकों को उपलब्ध करवाने हेतु प्रयास किये जायेंगे।

सीधे प्रसारण में  बताया गया कि भारतीय सोयाबीन अनुसन्धान संस्थान के अनुसन्धान प्रक्षेत्र पर लगभग 1 हेक्टेयर क्षेत्र में  इस वर्ष देश के विभिन्न क्षेत्रों/राज्यों के लिए अनुशंसित और इसी वर्ष जारी की गई, कुल 9 सोयाबीन की नई किस्मों (एन.आर.सी. 127,एन.आर.सी. 128, एन.आर.सी. 130, एन.आर.सी. 138, एन.आर.सी. 142, आर.वी.एस.एम. 2011-35, आर.एस.सी. 10-46, आर.एस.सी. 10-52, तथा ए.एम.एस. 100-39) को विभिन्न क्षेत्रों से नई तकनीकी  को जानने एवं देखने के लिए  प्रदर्शन के रूप में लगाया गया है ।  कोरोना संक्रमण के कारण कृषकों को संस्थान आने में हो रही कठिनाइयों के चलते विशेष रूप से सीधे सोया-कृषकों तक पहुँच कर संबंधित  किस्मों के प्रजनकों तथा संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा कृषकों के प्रश्नों, शंकाओं एवं सुझावों का लाइव निराकरण किया गया।

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इस अवसर पर संस्थान के प्रजनक डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. विनीत कुमार, डॉ अनीता रानी और  डॉ बी.यू.दुपारे द्वारा प्रत्यक्ष प्रदर्शन प्लाट पर उन किस्मों के पौधे दिखाकर वैज्ञानिक चर्चा की गई एवं इस वर्चुअल विजिट के सजीव प्रसारण में  उपस्थित लगभग 750 कृषकों को संबंधित  जानकारी दी गई।  इस सम्पूर्ण लाइव प्रसारण कार्यक्रम के आयोजन एवं समन्वयन का कार्य  डॉ. बी.यू. दुपारे, प्रधान वैज्ञानिक (कृषिविस्तार) एवं डॉ. सविता कोल्हे, प्रधान वैज्ञानिक (संगणक अनुप्रयोग) द्वारा किया गया।

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