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राज्य कृषि समाचार (State News)

नई तकनीकों को अपनाकर खेतों की उत्पादकता बढ़ाई

28 नवंबर 2024, पानीपत: नई तकनीकों को अपनाकर खेतों की उत्पादकता बढ़ाई – हरियाणा के पानीपत जिले के उरलाना खुर्द गांव के निवासी प्रीतम सिंह ने कृषि में नई तकनीकों को अपनाकर न केवल अपने खेतों की उत्पादकता बढ़ाई, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और किसानों की भलाई में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

1966 में जन्मे प्रीतम सिंह ने परंपरागत खेती से हटकर नई तकनीकों को अपनाने का साहसिक कदम उठाया। आज वे कृषि में नई तकनीक के क्षेत्र में एक प्रेरणा स्रोत बन चुके हैं। प्रीतम सिंह ने अपने 20 एकड़ से अधिक भूमि पर कई उन्नत कृषि में नई तकनीक का प्रयोग किया है। प्रीतम सिंह ने जल और भूमि संरक्षण में नए कदम उठाए। इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट (IRRI) के साथ काम करते हुए उन्होंने सटीक सिंचाई तकनीकों को अपनाया।

डायरेक्टसीडेडराइस (DSR): पानी की बचत के लिए DSR तकनीक को अपनाया, जिससे पानी की खपत में 30-40% तक की कमी आई।

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फसल अवशेष प्रबंधन: उन्होंने खेतों में फसल अवशेष जलाने की प्रथा को खत्म किया। इसके बजाय, अवशेषों को मिट्टी में मिलाकर जैविक उर्वरक के रूप में उपयोग किया।

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ज़ीरो टिलेज: भूमि संरक्षण के लिए ज़ीरो टिलेज कृषि में नई तकनीक का प्रयोग किया, जिससे मिट्टी की उर्वरता और संरचना में सुधार हुआ।

बीजोत्पादन कार्यक्रम: प्रीतम सिंह आईएआरआई (IARI) के साथ बीज उत्पादन कार्यक्रम में सक्रिय रूप से जुड़े हैं। उन्होंने अपने खेत पर उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का उत्पादन कर अन्य किसानों को वितरित किया।

विविधीकृत खेती: उन्होंने पारंपरिक धान-गेहूं चक्र को बदलकर सब्जी उत्पादन शुरू किया, जिससे आय में वृद्धि हुई।

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