खरीफ सीजन में धान, मक्का का रकबा बढाएं , बागवानी मिशन के लिए 20 करोड़

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28  मई 2021, भोपाल । खरीफ सीजन में धान, मक्का का रकबा बढाएं , बागवानी मिशन के लिए 20 करोड़ – मध्य प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के.के. सिंह ने भोपाल सम्भाग में गत वर्ष खरीफ सीजन में सोयाबीन के  घटते उत्पादन को देखते हुए धान और मक्का की फसल लिए जाने की मुक्कमल योजना बनाने की आवश्यकता बताई है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना में वर्ष 2021-22 में फल क्षेत्र विस्तार, मसाला फसलें , संरक्षित खेती, जैविक खेती, बागवानी यंत्रीकरण, फसलोत्तर प्रबंधन में किसानों को लाभांवित करने के लिये 2012 लाख रूपये की कार्ययोजना बनाई गई है।

 श्री सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भोपाल एवं होशंगाबाद संभाग की रबी उत्पादन के साथ आगामी खरीफ 2021 की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में संभागायुक्त श्री कवीन्द्र कियावत के अलावा जिलों के कलेक्टर और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।     

उद्यानिकी फसलों और यंत्रीकरण पर जोर

श्री.सिंह ने कहा है कि उद्यानिकी फसलों का भोपाल सम्भाग में रकबा बढ़ाया जाए। कृषि यंत्रीकरण के लाभ किसानों तक सुनिश्चित करने के साथ ही किसानों को फसल चक्र बदलने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। इस बार 2020-21 में विगत वर्ष की तुलना में 1 हजार 874 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ फसल के उत्पादन का अनुमान है।

चने में तिवड़ा रूकने पर सराहना

कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिंह ने समीक्षा के दौरान भोपाल संभाग के विदिशा और रायसेन जिले में इस बार चने की फसल में तिवड़ा मिला नहीं होने पर संतोष जताया । भोपाल संभाग आयुक्त श्री कवीन्द्र कियावत ने इसकी वजह संभाग में कृषि पाठशालाओं के माध्यम से किसानों को जागरूक करने को बताया। उन्होंने बताया कि खेतों में जाकर तिवड़ा के पोधों को उखड़वाने के अलावा बीज पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

खाद-बीज की उपलब्धता रहे

भोपाल सम्भाग के जिलों में बीज की कमी नहीं हो पाये इसके लिए जिला कलेक्टर्स, मार्कफेड और बीज निगम से सतत सम्पर्क बनाये रखने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि खरीफ के सीजन में किसानों को बीज खाद और उर्वरक की कमी नहीं हो। भोपाल सम्भाग में खरीफ में धान, ज्वार, मक्का, अरहर, मूंगफली, तिल, सोयाबीन का रकबा  और उत्पादकता बढ़ने की आशा है। विगत वर्ष की तुलना में इस बार 1896.82 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ फसल बुआई का लक्ष्य है जबकि उत्पादकता का लक्ष्य प्रति हेक्टेयर 1933 कि.ग्रा. रखा गया है।

उद्यानिकी फसलों के लिए 20 करोड़ की योजना

किसानों को अधिकाधिक फल, सब्जी, मसाला, पुष्प और औषधियों के उत्पादन के लिये विशेषज्ञ जानकारी देकर योजनाओं के तहत लाभांवित किया जाए। उद्यानिकी के तहत प्लास्टिक लाइनिंग ऑफ फार्म पोंड, पॉली हाउस, रोडनेट हाउस, प्लास्टिक मल्चिंग, प्याज भंडार गृह,  पुष्प क्षेत्र विस्तार प्लास्टिक क्रेटस, कदूवर्गीय सब्जी क्षेत्र विस्तार नर्सरी उन्नयन योजना में सम्भाग के किसान लाभ ले रहे हैं। एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना में वर्ष 2021-22 में फल क्षेत्र विस्तार, मसाला क्षेत्र विस्तार, संरक्षित खेती, जैविक खेती, बागवानी यंत्रीकरण, फसलोत्तर प्रबंधन में किसानों को लाभांवित करने के लिये 2012 लाख रूपये की कार्ययोजना बनाई गई है।

मत्स्य पालन पर भी फोकस

कृषि से जुड़ा मछली पालन सबसे अधिक लाभ का धंधा है। मछली पालकों को योजनाओं का अधिकाधिक लाभ देने, सभी का किसान क्रेडिट कार्ड बनाने तथा मछली पालन की नवीन तकनीक का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिये गये। भोपाल जिले में नई तकनीक बायोफ्लाक का बड़े स्तर पर उपयोग किया जा रहा है।

दुग्ध उत्पादन पर श्री कियावत की सराहना

एपीसी ने दुग्ध संग्रहण में वृद्धि पर संभागायुक्त श्री कियावत की प्रशंसा की। श्री कियावत ने दुग्ध सहकारी समिति वार समीक्षा कर दुग्ध संग्रहण वृद्धि की। भोपाल सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित के अध्यक्ष श्री कियावत के सतत प्रयासों और मार्गदर्शन में भोपाल और नर्मदापुरम एवं शाजापुर, गुना, अशोकनगर सहित जिलों में दुग्ध संग्रहण में वृद्धि की। श्री कियावत द्वारा उन्नत नस्ल संवर्धन, पशुओं का टीकाकरण, उन्नत खाद्य, पशुओं का उपचार, गो उत्पाद आदि को बढ़ावा देकर पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन कर पशुपालन को बढ़ाव दिया। बैठक में मार्डन / आकर्षक सांची पार्लर का प्रजेन्टेशन दिया गया जिसमें 3 प्रकार के आकर्षक मार्डन पार्लर का लुक प्रस्तुत किया गया।

               

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