राज्य कृषि समाचार (State News)

आईएएस प्रशिक्षुओं ने एनआईबीएसएम में उन्नत कृषि अनुसंधान का किया अवलोकन

12 मार्च 2026, रायपुर: आईएएस प्रशिक्षुओं ने एनआईबीएसएम में उन्नत कृषि अनुसंधान का किया अवलोकन – सिविल सेवा प्रशिक्षु आईएएस (2024 बैच) अधिकारियों ने शैक्षणिक अवलोकन कार्यक्रम के अंतर्गत आईसीएआर–राष्ट्रीय जैविक स्ट्रैस प्रबंधन संस्थान, रायपुर का भ्रमण किया। इस दौरान प्रशिक्षुओं ने फसलों में जैविक स्ट्रैस प्रबंधन से जुड़े वैज्ञानिक अनुसंधान एवं संस्थान की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की। भ्रमण के दौरान संस्थान के निदेशक  डॉ.पी.के.राय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद करते हुए संस्थान के दृष्टिकोण, मिशन, कार्यादेश तथा अनुसंधान गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फसलों को प्रभावित करने वाले जैविक स्ट्रैस जैसे कीट एवं रोग वर्तमान कृषि की प्रमुख चुनौतियों में शामिल हैं और इनके समाधान के लिए संस्थान में महत्वपूर्ण शोध कार्य किए जा रहे हैं।

डॉ. राय ने संस्थान में संचालित तथा प्रस्तावित अनुसंधान कार्यक्रमों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इनका उद्देश्य कीट, रोग और अन्य जैविक स्ट्रैस के प्रभावी एवं टिकाऊ प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक समाधान विकसित करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की समस्याएँ फसलों की उत्पादकता को प्रमुख रूप से प्रभावित करती हैं, इसलिए इन पर वैज्ञानिक शोध अत्यंत आवश्यक है। साथ ही उन्होंने बताया कि संस्थान किसानों को सहयोग प्रदान करने तथा कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार गतिविधियों में सक्रिय योगदान दे रहा है।

संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. पंकज शर्मा ने प्रशिक्षुओं को संस्थान में उपलब्ध अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं से अवगत कराया। इनमें केमिकल इकोलॉजी प्रयोगशाला, टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला, एनालिटिकल प्रयोगशाला, ओपन टॉप चैंबर सुविधा, जीनोम एडिटिंग प्रयोगशाला, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी प्रयोगशाला, ग्लासहाउस तथा प्लांट ग्रोथ चैंबर्स शामिल हैं।

इस अवसर पर प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने विभिन्न प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया तथा वैज्ञानिकों के साथ संवाद भी किया। प्रशिक्षुओं ने संस्थान में उपलब्ध अत्याधुनिक शोध सुविधाओं और किए जा रहे वैज्ञानिक कार्यों के प्रति गहरी रुचि एवं सराहना व्यक्त की। इस शैक्षणिक भ्रमण से सिविल सेवा प्रशिक्षुओं को उभरती कृषि चुनौतियों के समाधान तथा टिकाऊ फसल उत्पादन को बढ़ावा देने में वैज्ञानिक संस्थानों की भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।

इस कार्यक्रम का समन्वयन संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. पंकज शर्मा के द्वारा किया गया।

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