देसी जाम के दाम हुए धड़ाम, कचरा गाड़ी और सड़क पर फेंके

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1 दिसम्बर 2020, इंदौरl देसी जाम के दाम हुए धड़ाम , कचरा गाड़ी और सड़क पर फेंके – भरपूर उत्पादन के बावजूद इन दिनों देसी जाम के उत्पादक किसान उचित दाम नहीं मिलने से परेशान हैं l गत दिनों इंदौर फल मंडी में देसी जाम के दाम इतने गिर गए कि किसानों और व्यापारियों को जाम सड़क किनारे या कचरा गाड़ी में फेंकना पड़े क्योंकि वापस घर ले जाने पर गाड़ी का भाड़ा भी नहीं निकलता l उल्लेखनीय है कि रतलाम ,मंदसौर और नीमच जिले में देसी जाम का बहुत उत्पादन होता है , जहाँ से कई किसान अपना माल बेचने इंदौर फल मंडी आते हैं l पिछले दिनों इंदौर फल मंडी में एक कैरेट (यानी 20 किलो से अधिक) जाम का दाम 40 -50 रुपए से लेकर 100 रुपए तक मिला, जबकि गत वर्ष इसी जाम का दाम 250 से 500 रुपए कैरेट मिल रहा था l भाव बहुत कम मिलने से किसान अपना माल वापस घर भी नहीं ले जा सकते थे , क्योंकि उनकी गाड़ी का भाड़ा भी नहीं निकलता, इसलिए जाम को सड़क किनारे और कचरा गाड़ी में फेंक दिया l इसका वीडियो वायरल हो रहा है l व्यापारियों के अनुसार कोरोना के कारण लोग ठंडे फल नहीं खा रहे हैं l  इस साल देसी अमरुद की हालत खराब है l बाज़ार में भाव का और ग्राहकों के अभाव का असर जाम पर दिख रहा है l

जबकि इसके विपरीत वीएनआर अमरुद ठीक भाव बिक रहा है l सारंगी के उन्नत कृषक और अमरुद उत्पादक श्री बालाराम पाटीदार , सारंगी ने कृषक जगत को बताया कि वीएनआर अमरुद अभी ठीक भाव में बिक रहे हैं , 4 -5  दिन पहले इसका दाम घटकर 35 -40 रु.किलो हो गया था , जो अब वापस बढ़कर 45 रु. किलो हो गया है l वीएनआर अमरुद के अन्य उत्पादक किसान श्री राजेश पाटीदार इदारतपुर ने कहा कि वीएनआर जाम के दाम तो ठीक मिल रहे हैं , लेकिन देसी जाम के दाम बहुत कम मिल रहे हैं l मालवा अंचल में देसी जाम ज़्यादा होता है l कोरोना ने इस साल खेती किसानी सहित हर कारोबार को प्रभावित किया है l

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