Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

हिंदी साहित्य सम्मेलन 2025: विजयदत्त श्रीधर को साहित्य वाचस्पति सम्मान

21 मार्च 2025, भोपाल: हिंदी साहित्य सम्मेलन 2025: विजयदत्त श्रीधर को साहित्य वाचस्पति सम्मान – भारत में हिंदी भाषा और देवनागरी लिपि के व्यापक प्रसार के उद्देश्य से स्थापित हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग का 76वां अधिवेशन 21 से 23 मार्च, 2025 तक आनंद, गुजरात में आयोजित होने जा रहा है। इस अधिवेशन के तहत 22 मार्च को होने वाली ‘राष्ट्रभाषा परिषद’ की बैठक में इसके अध्यक्ष का दायित्व सपे संग्रहालय के संस्थापक विजयदत्त श्रीधर को सौंपा गया है। इसके साथ ही, 23 मार्च को अधिवेशन के समापन समारोह में श्री श्रीधर को सम्मेलन की सर्वोच्च उपाधि ‘साहित्य वाचस्पति सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा।

श्री विजयदत्त श्रीधर

सपे संग्रहालय के निदेशक अरविंद श्रीधर ने बताया कि हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग की स्थापना महामना पं. मदनमोहन मालवीय की अध्यक्षता में सन् 1910 में हुई थी। राजर्षि पुरुषोत्तमदास टंडन इसके प्रथम संरक्षक थे। महात्मा गांधी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, गणेश शंकर विद्यार्थी जैसे महान व्यक्तित्वों ने सम्मेलन की अध्यक्षता कर इसके उद्देश्यों को महत्व और गौरव प्रदान किया। मध्य प्रदेश के प्रमुख व्यक्तित्वों जैसे विष्णुदत्त शुक्ल, भागीरथ सपे, माखनलाल चतुर्वेदी और सेठ गोविंददास ने भी सम्मेलन के अध्यक्ष पद को सुशोभित किया।

विजयदत्त श्रीधर पहले पत्रकारिता इतिहास के गहन अध्येता और भारतीय भाषा सत्याग्रह के सूत्रधार रहे हैं। उन्हें पहले भी कई सम्मानों से नवाजा जा चुका है, जिनमें पंढरी अलंकरण (2012), ‘भारतेंदु हरिश्चंद्र पुरस्कार’ (2011), मध्य प्रदेश का ‘महर्षि वेदव्यास सम्मान’ (2013) और छत्तीसगढ़ का ‘माधवराव सपे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान’ (2015) शामिल हैं। उनकी चर्चित पुस्तकों में ‘भारतीय पत्रकारिता कोश’, ‘पहला संपादकीय’, ‘भागीरथ सपे रचना संचयन’, ‘समकालीन हिंदी पत्रकारिता’, ‘विश्वनाथ गांधी’, ‘एक भारतीय आत्मा’, ‘संपादकाचार्य नारायण दत्त’ और ‘कर्तव्यवीर के सौ साल’ शामिल हैं। सितंबर 1981 से वे पत्रकारिता, जनसंचार और विज्ञान संचार की शोध पत्रिका ‘आंचलिक पत्रकार’ का संपादन कर रहे हैं। वे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में शोध निदेशक (2005-2010) के पद पर भी कार्यरत रहे।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

विजयदत्त श्रीधर ने कहा, “अपनी भाषा पर अभिमान और सभी भाषाओं का सम्मान” की भावना के साथ भारतीय भाषा सत्याग्रह के तीन आयामों पर मध्य प्रदेश में एक बड़ी टीम के साथ कार्य चल रहा है। पहला आयाम है ‘हिंदी और जनपदों की सूक्ष्म लोकभाषाएं’, दूसरा आयाम है ‘हिंदी और समृद्ध भारतीय भाषाएं’, और तीसरा आयाम है ‘हिंदी और प्रमुख विश्व भाषाएं’। भारतीय भाषा सत्याग्रह आपसी स्वीकार्यता पर आधारित एक सकारात्मक प्रयास है। इस विषय पर भी विजयदत्त श्रीधर हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग के आनंद अधिवेशन में अपना प्रस्ताव पेश करेंगे। उल्लेखनीय है कि भारतीय भाषा सत्याग्रह के मार्गदर्शक की भूमिका आचार्य डॉ. सूर्यप्रसाद दीक्षित और आचार्य डॉ. रामाश्रय राकेश निभा रहे हैं।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com