राज्य कृषि समाचार (State News)

हरियाणा सरकार ने 29,438 किसानों को 31 करोड़ का दिया मुआवजा, रबी सीजन 2022-23 में खराब हुई थी फसल

08 जनवरी 2024, चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने 29,438 किसानों को 31 करोड़ का दिया मुआवजा, रबी सीजन 2022-23 में खराब हुई थी फसल – हरियाणा सरकार ने रबी सीज़न 2022-23 में फसल नुकसान (गेहूं, सरसों, और जौ) के मुआवज़े के तौर पर 7 ज़िलों के 29,438 किसानों को 31 करोड़ रुपये से ज़्यादा की रकम दी है। यह रकम सीधे किसानों के बैंक खातों में डाली गई है।

हरियाणा के कृषि मंत्री श्री जेपी दलाल ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार किसानों की चिंता करती हैं। उन्होंने कहा कि चाहे प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल खराब होने का मामला हो या उपज का सही भाव न मिल रहा हो, हर स्थिति में प्रदेश सरकार किसानों को वित्तीय सहायता के तौर पर मुआवजा दे रही हैं। रबी सीजन 2022-23 में फसलों को काफी नुकसान हुआ था। राज्य सरकार ने किसानों के फसल नुकसान की भारपाई के लिए मुआवजा के रूप में लगभग 31 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में डाली हैं।

ये हैं वो सात राज्य

रबी सीजन 2022-23 के तहत जिला सिरसा में 16 करोड़ 42 लाख रुपये, रेवाड़ी में 10 करोड़ 31 लाख 65 हजार रुपये, भिवानी में लगभग 1 करोड़ 89 लाख रुपये, कैथल में 1 करोड़ 44 लाख रुपये, कुरुक्षेत्र में 1 करोड़ 36 लाख रुपये, फरीदाबाद में 35,900 रुपये और जिला पंचकूला में 18 हजार रुपये का क्लेम जारी किया गया है।

विगत 9 वर्षों में 11 हजार करोड़ का जारी किया फसल बीमा क्लेम

कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्री जे पी दलाल ने कहा कि विगत 9 वर्षों में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसान हित में कई कल्याणकारी निर्णय लिए हैं। श्री जेपी दलाल ने कहा कि 9 साल में राज्य सरकार ने अब तक लगभग 11 हजार करोड़ रुपए की मुआवजा राशि जारी की हैं, जो  सीधे किसानों के खातों में पहुंची हैं।

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4 से अधिक भूमि पर सूक्ष्म सिंचाई

मंत्री श्री जे पी दलाल ने कहा कि पहले किसान अपनी फसल मंडी के अंदर ले कर जाता था, तो छः-सात महीनों तक उन्हें पैसा ही नहीं मिलता था, लेकिन अब किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की कोई पेरशानी नहीं होती। हमारी सरकार ने 72 घंटे के अंदर अंदर किसानों के खातों में पैसा पहुंचाने का काम किया है। इतना ही नहीं, वर्ष 2014 से पहले प्रदेश में 33,507 हेक्टेयर भूमि ही सूक्ष्म सिंचाई के तहत आती थी, लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में आज 4,26,636 हेक्टेयर भूमि की सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली से सिंचाई होती है।

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