राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषि क्षेत्र में पंजाब-हरियाणा से आगे जाएगा ग्वालियर, बलराम कृषि महोत्सव में बोले CM मोहन यादव; फसल विविधीकरण पर रहा जोर

27 अगस्त 2026, भोपाल: कृषि क्षेत्र में पंजाब-हरियाणा से आगे जाएगा ग्वालियर, बलराम कृषि महोत्सव में बोले CM मोहन यादव; फसल विविधीकरण पर रहा जोर- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर कृषि के क्षेत्र में पंजाब और हरियाणा से भी आगे पहुंचेगा। ग्वालियर की पहचान संगीत सम्राट तानसेन के साथ-साथ यहां की गजक, किसानों और जवानों से भी है। शिक्षा, रक्षा, कृषि, फूड प्रोसेसिंग और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में ग्वालियर संभाग पूरे प्रदेश में अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर जिले के डबरा तहसील प्रांगण में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मौजूदा वर्ष को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। इसी के तहत किसानों की सेवा और समृद्धि के लिए ‘बलराम कृषि महोत्सव’ आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर भोपाल में मुख्यमंत्री के साथ उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण एवं सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह भी मौजूद रहे।

ग्वालियर तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और आने वाले समय में यह टेलीकॉम इंडस्ट्रीज का बड़ा हब भी बनने जा रहा है। उन्होंने ग्वालियर क्षेत्र के सेंडस्टोन, सरसों, गेहूं, मसूर और चने का उल्लेख करते हुए कहा कि इन कृषि उत्पादों ने जिले का नाम पूरे देश में रोशन किया है। उन्होंने प्रदेश की सबसे बड़ी आदर्श गौशाला लाल टिपारा की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गौशाला से प्रेरणा लेकर प्रदेश में अन्य गौशालाएं भी स्थापित की जा रही हैं।

किसानों से फार्मर आईडी बनवाने की अपील

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद किसानों से अपनी फार्मर आईडी जरूर बनवाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह आईडी किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ खेती-किसानी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने में भी मदद करेगी।

उन्होंने किसानों से अपने खेत की क्षमता और जरूरत को पहचानने की अपील करते हुए कहा कि केवल पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहने के बजाय फसल विविधीकरण और प्राकृतिक खेती को अपनाना चाहिए। इसके साथ ही उन्नत पशुपालन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन आर्थिक उन्नति का त्वरित माध्यम है।

रबी फसलों की सिंचाई के लिए दिन में भी मिलेगी बिजली

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को गेहूं और चना जैसी रबी फसलों की सिंचाई के लिए अब दिन के समय भी बिजली उपलब्ध कराएगी। किसानों के हित में सरकार ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वृंदावन गांव स्थापित करने का भी निर्णय लिया है। इससे गांवों की प्रगति को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि इसी तरह शहरों में गीता भवन बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपनी जमीन सुरक्षित रखने और विवाह समारोहों में होने वाले फिजूलखर्च से बचने की अपील की। उन्होंने पुत्र-पुत्रियों का विवाह सामूहिक विवाह सम्मेलन में करने का आह्वान भी किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी को रक्षाबंधन और जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।

प्रगतिशील किसानों और मेधावी बच्चों का सम्मान

डबरा मंडी प्रांगण में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ का शुभारंभ अपेक्स बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव सहित अन्य अतिथियों ने भगवान बलराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में जिले के प्रगतिशील किसानों और किसानों के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया। साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किए गए। महोत्सव में नवीन कृषि तकनीकों, जैविक खेती, आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन तकनीक और उन्नत पशुपालन से जुड़ी प्रदर्शनी लगाई गई। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण और उन्नत कृषि की तकनीकों की जानकारी दी।

किसान कल्याण वर्ष में जुड़ रहे नए आयाम

अपेक्स बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मौजूदा वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने इसे किसान हितैषी पहल बताते हुए कहा कि इसके तहत प्रदेश में किसानों के हित में नए आयाम जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सहकारिता में सदस्यता दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब सभी की जिम्मेदारी है कि सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचे।

ड्रोन और डिजिटल कृषि की जानकारी

बलराम कृषि महोत्सव के तहत किसानों को डिजिटल कृषि सेवाओं, मौसम आधारित खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, ड्रोन तकनीक, स्मार्ट सिंचाई, उन्नत कृषि यंत्रों और आधुनिक कृषि प्रबंधन प्रणालियों की जानकारी दी गई। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बदलती जलवायु के अनुरूप खेती की नई पद्धतियों, फसल उत्पादन में आधुनिक तकनीकों के उपयोग और कृषि जोखिमों के प्रभावी प्रबंधन के उपायों से भी अवगत कराया।

इस अवसर पर प्राकृतिक खेती कर रहे बिलौआ के किसान प्राण सिंह सहित अन्य किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में सांस्कृतिक और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री इमरती देवी, प्रदेशभर में आयोजित बलराम महोत्सव एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के संयोजक कपिल यार्दे, प्रेम सिंह राजपूत, जनपद पंचायत डबरा की अध्यक्ष प्रवेश गुर्जर, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष प्रियंका सिंह घुरैया, किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष अमरदीप ओलख, अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर रुचिका चौहान, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत, एसडीएम डबरा जुही गर्ग, उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास भानु प्रकाश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जिलेभर से आए प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।

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