राज्य कृषि समाचार (State News)

गुना जिले को 2703 मे.टन मात्रा प्राप्त हुई

21 अक्टूबर 2024, गुना: गुना जिले को 2703 मे.टन मात्रा प्राप्त हुई – उप संचालक किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास द्वारा दी गई  जानकारी अनुसार 17 अक्टूबर 2024 को कोरोमंडल कंपनी की जिले को डी.ए.पी. की 1  रैक  के माध्‍यम से मात्रा 2703 मे.टन उर्वरक प्राप्‍त हुआ है। जिसमें से शासकीय क्षेत्र को कुल 2075 मे.टन, जिले के निजी विक्रेताओं को 612.5 मे.टन एवं कोरोमंडल कंपनी के खाते में 15.5 मे.टन है।

मार्कफेड डबल लॉक केन्द्र गुना को 200 मे.टन, बमौरी को 200 मे.टन, राघौगढ़ को 100 मे.टन, आरोन को 150 मे.टन, मधुसूदनगढ़ को 100 मे.टन, बीनागंज को 175 मे.टन, कुम्भराज को 100 मे.टन, एम.पी.एग्रो गुना को 100 मे.टन एवं जिले की 78 सहकारी समितियों को 12.5 मे.टन प्रति समिति के हिसाब से कुल 950 मे.टन डी.ए.पी. उर्वरक का भंडारण किया गया है, जिसका वितरण आज  21 अक्टूबर 2024 (सोमवार) से किया जावेगा।

 जिले के निजी उर्वरक विक्रेताओं को क्रमश: मेसर्स संगम कृषि सेवा केन्द्र गुना-90 मे.टन, मेसर्स सोमिल फर्टिलाइजर एण्‍ड बिल्डिंग मटेरियल गुना-90 मे.टन, मेसर्स अंबिका कृषि सेवा केन्द्र गुना-37.5 मे.टन , मेसर्स कृष्णा क्लिनिक गुना-40 मे.टन, मेसर्स पोसरिया कृषि सेवा केन्द्र गुना-10 मे.टन, मेसर्स गायत्री कृषि सेवा केन्‍द्र गुना-10 मे.टन, मेसर्स कल्याण टेडर्स म्‍याना-30 मे.टन, मेसर्स पूजा ट्रेडर्स सेनबोर्ड बमोरी-60 मे.टन, मेसर्स बंशी ट्रेडर्स सेनबोर्ड बमौरी-60 मे.टन, मेसर्स श्रीराम पेस्टिसाइड फतेहगढ़ बमौरी-30 मे.टन, मेसर्स गणेश पेस्‍टीसाइड फतेहगढ बमौरी-30 मे.टन, मेसर्स श्रीराम कृषि सेवा केन्‍द्र विशनवाडा बमौरी-20 मे.टन, मेसर्स आदित्‍य ट्रेडर्स कुम्भराज-50 मे.टन , मेसर्स प्‍यारेलाल दालचंद पालीवाल मधुसूदनगढ़-25 मे.टन, मेसर्स पालीवाल कृषि सेवा केन्द्र मधुसूदनगढ़-30 मे.टन का भंडारण किया गया, जिसका वितरण किया जा रहा है।

रैक आने से पहले डी.ए.पी. उर्वरक की सूचना विभिन्न माध्यमों से दे दी गई थी। उर्वरक प्राप्त होने पर कृषकों को नियमानुसार वितरण किया गया है। डी.ए.पी. उर्वरक वितरण के अनियमितताओं के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। जिले के  किसानों  से अपील है कि डी.ए.पी. शासकीय दर 1350 रू./प्रति बैग की दर से अपनी आवश्यकता अनुसार उर्वरक क्रय करें। अधिक दाम पर उर्वरक विक्रय करते पाये जाने पर संबंधित कृषि एवं राजस्‍व विभाग के अधिकारियों को तत्काल सूचित करें। जिससे संबंधितों के विरूद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जा सके।

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